लाइव हिमाचल/शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों को लाभकारी मूल्य प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ कर रही है। हिमाचल देश का पहला राज्य है जिसने दूध खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू किया है। वर्तमान में गाय का दूध 45 रुपये और भैंस का दूध 55 रुपये प्रति लीटर खरीदा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 161.52 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश में छह नए दुग्ध अभिशीतन और प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। कांगड़ा के ढगवार में 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला पूर्ण स्वचालित संयंत्र मार्च 2026 तक क्रियाशील होगा, जिसे बाद में 3 लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जाएगा। इस परियोजना से कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर सहित अन्य जिलों के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को दूध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मौसम आधारित दूध उपलब्धता का अध्ययन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10 समितियों में प्रायोगिक आधार पर डिजिटल माध्यम से दूध खरीद शुरू होगी। यह प्रणाली दूध खरीद में पारदर्शिता लाएगी और राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इसके साथ ही किसानों को एसएमएस के माध्यम से संग्रहण डेटा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी दी जाएगी। सुक्खू ने दूध के कुशल परिवहन के लिए जीपीएस सक्षम रूट ट्रैकिंग और वास्तविक समय डेटा प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने हिमाचली डेयरी उत्पादों के विशेष विपणन पर जोर देते हुए पशुपालकों को पशुधन देखभाल के लिए शिक्षित करने की बात कही। बैठक में पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार, सचिव रितेश चौहान, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और पशुपालन के अभिन्न अंग के रूप में इसे सशक्त बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।





