शिमला : शिमला नगर निगम ने टैक्स डिफाल्टरों पर शिकंजा कसते हुए आईएसबीटी टूटीकंडी पर 6.33 करोड़ रुपये की बकाया प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है। आईएसबीटी प्रबंधन ने नगर निगम द्वारा कई बार भेजे गए नोटिस के बावजूद अपना बकाया टैक्स नहीं चुकाया, जिसके चलते अब नगर निगम ने बिजली बोर्ड को आईएसबीटी का बिजली कनेक्शन काटने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद बिजली बोर्ड ने कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिजली बोर्ड के अनुसार कनेक्शन काटने से पहले उपभोक्ता को स्थिति स्पष्ट करने के लिए सात दिन का नोटिस देना जरूरी है। यदि इस नोटिस के जवाब में संतोषजनक कारण नहीं मिलता है तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाती है। शिमला शहर में बिजली और पानी का कनेक्शन नगर निगम से एनओसी लेने के बाद ही जारी किया जाता है। अब नगर निगम ने टूटीकंडी स्थित आईएसबीटी का एनओसी वापस लेते हुए उनके बिजली और पानी कनेक्शन काटने का आदेश जारी कर दिया है। आईएसबीटी में 42 दुकानें, सिनेमा हॉल, निजी अस्पताल, पार्किंग और एचआरटीसी का बस अड्डा संचालित हैं और इन सब कारोबारियों को इस आदेश से चिंता सताने लगी है। कारोबारियों का कहना है कि अगर बिजली और पानी कनेक्शन काटा जाता है तो उनका काम प्रभावित हो सकता है। नगर निगम शिमला के लिए संपत्ति टैक्स सबसे बड़ा आय स्रोत है, लेकिन नगर निगम को कई सालों से यह टैक्स जमा नहीं हो पाया है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार शिमला शहर में करीब 500 टैक्स डिफॉल्टर हैं, जिनसे करोड़ों रुपये का बकाया टैक्स वसूलना है। नगर निगम ने इन डिफॉल्टरों को कई नोटिस भेजे, लेकिन अधिकांश ने टैक्स चुकता नहीं किया। अब नगर निगम ने इन डिफॉल्टरों पर पांच प्रतिशत पेनल्टी भी लगा दी है, जो समय के साथ बढ़ती जाएगी। नगर निगम जल्द ही इन डिफॉल्टरों के पानी, बिजली और सीवरेज कनेक्शन काटने की प्रक्रिया शुरू करने वाला है। यह कदम नगर निगम द्वारा टैक्स वसूली में तेजी लाने और डिफॉल्टरों पर दबाव बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नगर निगम शिमला की आय का अधिकांश हिस्सा संपत्ति टैक्स से आता है और यह टैक्स वसूलने में ढील देने से निगम की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ा है। नगर निगम की ओर से लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है ताकि बकाया टैक्स समय पर वसूला जा सके।





