शिमला : हिमाचल प्रदेश मॉनसून सीजन में टूरिस्ट को लुभाने के लिए टूरिज्म विभाग ने सैलानियों के लिए ऑफर जारी किए हैं. यहां पर हिमाचल टूरिज्म विभाग के होटलों में भारी छूट का ऐलान किया गया है. प्रदेश में दो माह तक इन होटलों में 20 से 10 फीसदी तक छूट मिलेगी. फिलहाल, बारिश के चलते हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट की संख्या में गिरावट आई है. हिमाचल पर्यटन विकास निगम के प्रबंधक निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि 30 से 40 फीसदी तक छूट दी गई है. हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटल्स में यह डिस्काउंट तीन महीने तक मिलेगी. 15 जुलाई से 15 सितंबर 2024 तक यह छूट दी गई है. बता दें कि शिमला, मनाली, डलहौजी, धर्मशाला सहित प्रदेश के तमाम टूरिस्ट स्पॉट पर पर्यटन निगम के होटल हैं. शिमला में प्रैस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि पेपरलेस की प्रक्रिया इस वर्ष के जनवरी माह से आरंभ हो गयी थी. अब HPTDC पूरी तरह पेपरलेस हो गया है. अगर कर्मचारी छुट्टी पर चले जाएं तो जारी प्रभावित होता था, लेकिन पेपरलेस के बाद कार्य प्रभावित नहीं होगा और साथ ही इस प्रक्रिया से अतिरिक्त खर्चा भी कम हो गया है. जानकारी के अनुसार, निगम के सभी होटल, रेस्टोरेंट और कैफे का रिकार्ड डिजिटल हो गया है. इससे एचपीटीडीसी को घाटे से उबारने में मदद मिलेगी. वहीं निगम के सारे रिकॉर्ड अब फाइलों की जगह ऑनलाइन मिलेगा. इसके अलावा होटलों के हर कामकाज की जानकारी का रिकार्ड ई-आफिस पर ऑनलाइन मिलेगा. अधिकारी कार्यालय, घर एवं प्रदेश के बाहर कहीं से भी फाइलों को डिजिटल साइन के माध्यम से निपटा सकेंगे. एचपीटीडीसी सरकार का पहला उपक्रम है, जिसे पूरी तरह से ई-आफिस की सुविधा से जोड़ा गया है. इसका मकसद निगम के कामकाज को पूरी तरह पेपरलेस बनाना है. हिमाचल पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि पेपरलेस की प्रक्रिया इस वर्ष के जनवरी माह से आरंभ हो गयी थी. अब HPTDC पूरी तरह पेपरलेस हो गया है. उन्होंने बताया कि प्रदेशभर की 65 होटल इकाइयों को ई-आफिस की सुविधा से लैस किया गया है. पहले कार्यालय में एक से दूसरी जगह जाकर फाइलों को मंजूरी मिलती थी. इसमें काफी समय और टेबलों पर फाइलों का ढेर लग जाता था. एचपीटीडीसी के पूरे प्रदेश में करीब 16 कांप्लेक्स इंचार्ज हैं, जिनके अंदर सभी यूनिट हैं. इन सभी यूनिट्स पर एक साथ नजर रख पाना निगम प्रबंधन के लिए चुनौती भरा था, लेकिन अब निगरानी सीधे निगम मुख्यालय से हो सकेगी।





