



सोलन : लोकसभा चुनाव की मतगणना शुरू हो चुकी है। पीजी कॉलेज सोलन में मतगणना शुरू हो चुकी है सभी राजनीतिक दलों के काउंटिंग एजेंट मतगणना केंद्र के अंदर हैं। शिमला संसदीय क्षेत्र में भाजपा लगातार क्या जीत का चौका लगाएगी या कांग्रेस सोलन जिले से प्रत्याशी देने की रणनीति सफल करके भाजपा के विजयी रथ को रोक पाएगी। ये देखना बड़ा दिलचस्प होगा। मतदान के बाद अब मतगणना की घडिय़ां नजदीक आ गई हैं वह प्रत्याशियों के साथ-साथ अब कार्यकर्ताओं के दिल की धडक़ने भी तेज हो गई हैं।
कांग्रेस ने इस बार सोलन जिले के इतिहास को मद्देनजर रखते हुए कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी को टिकट दिया। विनोद सुल्तानपुरी इस संसदीय क्षेत्र से छह बार सांसद रह चुके स्व. केडी सुल्तानपुरी के पुत्र हैं। यदि हिमाचल के अस्तित्व में आने से पूर्व शिमला संसदीय क्षेत्र कें आंकड़ों पर गौर करें, तो 1952 से 1971 तक पांच बार लोकसभा चुनाव में शिमला से कभी भी कोई प्रत्याशी नहीं रहा तथा सारा रिकार्ड सिरमौर जिले से चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों के नाम ही रहा। वही दूसरी भाजपा ने एक बार फिर से सुरेश कश्यप को टिकट दिया था,आज मतगणना के थोड़ी ही देर बाद पता चल जाएगा, क्या शिमला संसदीय क्षेत्र के इतिहास सुरेश कश्यप बरकरार रखेंगे। इतिहास की अगर हम बात करे तो इतिहास में जो एक बार यहां से सांसद बना है उसने लंबी पारी खेली है 1980 से इस तरह का इतिहास है 1980 से लेकर 1998 के बीच में कद सुल्तानपुरी लगातार 6 बार यहां से चुनाव जीते हैं उनका टिकट कट गया था और वर्षों में जब लोकसभा का चुनाव हुआ था तो उसमें भारतीय जनता पार्टी और हविंगका ने गठबंधन में चुनाव लड़ा था और भूमिका के प्रत्याशी जो वर्तमान में स्वास्थ्य मंत्री है उसके बाद धनीराम शांडिल 2003 में कांग्रेस में शामिल हो गए 2004 का लोकसभा चुनाव उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लड़ा और वह चुनाव जीतने में कामयाब हुए वर्ष 2009 में लोकसभा के चुनाव में पहली बार भारतीय जनता पार्टी यहां से शिमला संस्कृत क्षेत्र से चुनाव जीतने में कामयाब रही थी और सबसे बड़ी बात ये है कि भारतीय जनता पार्टी 7 चुनाव हारने के बाद 2009 में क्योंकि भारतीय जनता पार्टी की जो स्थापना हुई थी 1980 में हुई थी 1980 से क्षेत्र में 1998 के बीच में छह लोकसभा चुनाव हुए 6 लोकसभा चुनाव में कामयाब रहे और भारतीय जनता पार्टी को पहली बार जीत नसीब हुई थी। और सबसे बड़ी बात ये थी कि भारतीय जनता पार्टी के वीरेंद्र कश्यप यहां से सांसद बने थे वह भी करीब लगातार 8 या 9 चुनाव हारे थे आठ चुनाव हारने के बाद और उन्हें भी पहली जीत हुई थी और भारतीय जनता पार्टी को भी पहली बार यहां से जीत मिली थी उसके बाद 2014 में वीरेंद्र कश्यप यहां से फिर से दोबारा से सांसद बने वर्ष 2019 में सुरेश कश्यप यहां से सांसद बने भारतीय जनता पार्टी ने वीरेंद्र कश्यप के टिकट को काटकर सुरेश कश्यप को टिकट दिया था इस तरह का इतिहास शिमला क्षेत्र का रहा है कि यहां पर खेलने का मौका सबको जरूर मिला है, तो क्या इस बार विनोद सुल्तानपुरी कांग्रेस के प्रत्याशी इस इतिहास को रोकने में कामयाब रहेंगे यह आपको थोड़ी देर में ही देखने को मिल जाएगा। कांग्रेस ने भी अपनी पूरी ताकत यहां पर झोंकी हुई है भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी पूरी ताकत यहां पर लगाई हुई है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी लगातार तीन चुनाव से यहां पर जीती आई है और इस बार अगर जीत मिलती है तो उनका जीत का चौका होगा।
अब तक ये बने सांसद
वर्ष सांसद पार्टी जिला
1952 आनंद राम कांग्रेस सिरमौर
1957 डा. वाईएस परमार कांग्रेस सिरमौर
1959 शिवानंद रमौल कांग्रेस सिरमौर
1962 प्रताप सिंह कांग्रेस सिरमौर
1967 प्रताप सिंह कांग्रेस सिरमौर
1971 प्रताप सिंह कांग्रेस सिरमौर
1977 बालक राम जनता दल शिमला
1980 केडी सुल्तानपुरी कांग्रेस सोलन
1984 केडी सुल्तानपुरी कांग्रेस सोलन
1989 केडी सुल्तानपुरी कांग्रेस सोलन
1991 केडी सुल्तानपुरी कांग्रेस सोलन
1996 केडी सुल्तानपुरी कांग्रेस सोलन
1998 केडी सुल्तानपुरी कांग्रेस सोलन
1999 धनीराम शांडिल हिविकां सोलन
2004 धनीराम शांडिल कांग्रेस सोलन
2009 वीरेंद्र कश्यप भाजपा सोलन
2014 वीरेंद्र कश्यप भाजपा सोलन
2019 सुरेश कश्यप भाजपा सिरमौर।