धर्मशाला : जिला कांगड़ा में वॉटर स्पोर्ट्स तथा उससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा उनके संचालन को लेकर प्रशासन द्वारा एक सोसायटी गठित की जा रही है। ‘डिस्ट्रिक्ट वॉटर स्पोर्ट्स एंड अलाइड ऐक्टिविटीज़ सोसायटी’ (District Water Sports & Allied Activities Society) के नाम से बनने वाली यह सोसायटी जिले भर में जल क्रीड़ा, उससे जुड़ी साहसिक एवं अन्य गतिविधियों का संचालन करेगी। उपायुक्त कार्यालय में उक्त सोसायटी के गठन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधीश कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल ने यह जानकारी दी। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जाहिर की है। जिसके चलते पौंग क्षेत्र में जल क्रीड़ा और उससे संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश हैं कि पौंग क्षेत्र में पर्यटन की दृष्टि से पहले से निर्मित या स्थापित एसेट्स का सही उपयोग किया जाए। जिससे पर्यटन गतिविधियों के संचालन में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित होने के साथ क्षेत्र के युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
और गैर-सरकारी सदस्य रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें जहां एक तरफ प्रशासन और पर्यटन से जुड़ सभी महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी सम्मिलित होंगे, वहीं स्थानीय पंचायतों के प्रतिनिधि और पर्यटन से जुड़े हितधारक गैर-सरकारी सदस्य के रूप में सोसायटी में रहेंगे। उन्होंने बताया कि उपायुक्त कांगड़ा इस सोसायटी के अध्यक्ष होंगे तथा एसपी (SP) कांगड़ा, एडीएम, (एडम) डीटीडीओ, (DTD O) सीएमओ, (CMO) डीएफओ वाइल्ड लाइफ, (DFO
wild life) जिला खेल अधिकारी तथा देहरा, फतेहपुर, जवाली के एसडीएम (SDM )और फतेहपुर, नगरोटा सूरियां, देहरा के बीडीओ (BDO) सोसायटी के सरकारी सदस्य होंगे। उन्होंने बताया कि गैर-सरकारी सदस्यों में स्थानीय पंचायतों के प्रधान, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष, ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष और पंजीकृत ऑपरेटर रहेंगे।
हितधारकों से मांगे सुझाव
डीसी ने बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों से सोसायटी के गठन और प्रस्तावित गतिविधियों को लेकर सुझाव मांगे। इस दौरान उपायुक्त ने सभी सुझावों को सुनते हुए, उन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस सोसायटी को सबके सहयोग से चलाया जाएगा। इसलिए सभी हितधारक इसके बेहतर क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर अपने महत्वपूर्ण सुझाव देते रहें।
इस दौरान एटीडीओ (ATDO) संजय शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।




