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हाटी का प्रतिनिधिमंडल सोलन में पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप से मिला, मिठाई खिलाकर जताई खुशी

सोलन : गिरिपार क्षेत्र के लोगों की बहु प्रतीक्षित हाटी जनजाति संशोधन बिल बुधवार को राज्यसभा में विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से पास होने पर सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में उत्सवी माहौल है। लोग एक दूसरे को बधाई दे रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद सामूहिक प्रयासों का सुखद परिणाम सामने आया है। अब महामहिम राष्ट्रपति के द्वारा राजपत्रीय अधिसूचना जारी किए जाने के लिए मार्ग प्रशस्त हो चुका है शीघ्र ही हमारे हाटी समुदाय को विधिवत जनजाति का संवैधानिक अधिकार मिलने वाला है।
इसी कड़ी में सोलन में रहने वाले हाटी समुदाय का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व सांसद वीरेन्द्र कश्यप से उनके सोलन स्थित निवास पर मिला और उनका आभार भी व्यक्त किया। सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र को जनजातीय क्षेत्र बना दिया गया है इसको अब वैधानिक दर्जा आने वाले दिनों में मिल जाएगा, जब भारत की राष्ट्रपति संसद से पारित इस बिल को हस्ताक्षर कर देगी। हाटी समुदाय के लोग गत 1967 से इस आंदोलन को चला रहे थे। इसमें कोई दो राय नही कि जब शिमला संसदीय क्षेत्र से वीरेन्द्र कश्यप 2009 में सांसद बने तो उनके द्वारा संसद और सभी स्तर पर इस मुद्दे को सक्रियता से उठाया तभी से केंद्र व प्रदेश की विभिन्न सरकारों ने इस ओर ध्यान दिया और इस मामले में दिलचस्पी दिखाई। सोलन में हाटी प्रतिनिधिमंडल में प्रदीप मंमगाई, उमेश कमल, सुभाष अत्रि, जयप्रकाश चौहान, कुलदीप व योगेश के अलावा अन्य शामिल थे।
हाटी समिति ने केंद्र सरकार का जताया आभार
इस महान उपलब्धि के लिए हाटी समिति केंद्र सरकार सहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह ,जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा , अनुराग ठाकुर, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्रियों जयराम ठाकुर, शांता कुमार, प्रेमकुमार धूमल, स्वर्गीय वीरभद्र सिंह , जनजाति आयोग के पूर्व सदस्य स्व0 ठाकुरसैन नेगी, सांसद सुरेश कश्यप, राज्यसभा सांसद डा 0सिकंदर कुमार, इंदु गोस्वामी, पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप, विधायक सुखराम चौधरी, रीना कश्यप, विशेष रूप से पूर्व विधायक बलदेव सिंह तोमर, स्व0 जगत सिंह नेगी जीसहित उन सभी जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों विशेष रूप से जनजातीय शोध एवं अधययन संसथान (नोडल एजेंसी) जनजाति विभाग हि0प्र0 का धन्यवाद करते हैं जिन्होंने हमारे हाटी समुदाय को जनजाति का अधिकार दिलाने में सक्रिय सहयोग किया है।

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