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महिला कांस्टेबल भर्ती मामला: प्रियंका शर्मा की याचिका पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, कम अंक वालों को बुलाने पर जवाब तलब

शिमला: हिमाचल प्रदेश पुलिस में महिला कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया में चयन मानदंडों और संशोधित अतिरिक्त मेरिट लिस्ट (Additional Merit List) को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिमला की निवासी प्रियंका शर्मा ने इस मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भर्ती प्रक्रिया को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि बेहतर अंक हासिल करने के बावजूद उन्हें चयन प्रक्रिया से बाहर रखा गया, जबकि उनसे कम अंक पाने वाली अभ्यर्थियों को आगे के चरणों के लिए बुलाया गया।

क्या है पूरा मामला?

याचिका के अनुसार, हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग ने 4 अक्टूबर 2024 को 380 महिला कांस्टेबलों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। प्रियंका शर्मा ने इस प्रक्रिया में हिस्सा लिया, शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) पास की और 15 जून 2025 को लिखित परीक्षा दी, जिसके बाद उनके दस्तावेजों की जांच भी की गई थी।

मेरिट और अंकों का विवाद

  • पहली मेरिट लिस्ट: लिखित परीक्षा के एक प्रश्न के सही उत्तर को लेकर उपजे विवाद और हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद आयोग ने मेरिट लिस्ट संशोधित की। इस संशोधित सूची में प्रियंका शर्मा को 63.50 अंक मिले और उनका संयुक्त मेरिट लिस्ट में 330वां स्थान था। हालांकि, ईडब्ल्यूएस (EWS) श्रेणी की कटऑफ 64 अंक रहने के कारण उनका अंतिम चयन नहीं हो सका था।

  • संशोधित अतिरिक्त मेरिट लिस्ट: विभाग द्वारा बाद में तैयार की गई अतिरिक्त सूची के तहत 3 जुलाई 2026 को प्रियंका शर्मा को मूल दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 6 जुलाई को आईजी, दक्षिणी रेंज, शिमला के कार्यालय बुलाया गया। वे सभी दस्तावेजों के साथ वहां पहुंचीं, लेकिन दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया अचानक स्थगित कर दी गई और उन्हें कोई नई तारीख या स्पष्ट सूचना नहीं दी गई।

    • कम अंक वालों को बुलाने का आरोप: याचिकाकर्ता का दावा है कि 17 जुलाई 2026 को जारी संशोधित एडिशनल मेरिट लिस्ट में उनसे कम अंक पाने वाली अभ्यर्थियों—जैसे एक अभ्यर्थी को 63.25 अंक और दो अन्य को 62.75 अंक मिले—को मेडिकल जांच और डोप टेस्ट के लिए बुलाया गया, जबकि 63.50 अंक हासिल करने वाली प्रियंका शर्मा को इस सूची से बाहर रखा गया।

    हाईकोर्ट में याचिका और अगली सुनवाई

    विभाग के समक्ष 16 जुलाई को अभ्यावेदन देकर अपनी उम्मीदवारी पर दोबारा विचार करने की मांग करने के बावजूद जब कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई, तो याचिकाकर्ता ने 19 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में हाईकोर्ट से संशोधित एडिशनल मेरिट लिस्ट की वैधता की जांच करने, मेरिट के आधार पर उनकी उम्मीदवारी पर पुनर्वविचार करने के निर्देश देने तथा मामले के अंतिम निपटारे तक महिला कांस्टेबल के ईडब्ल्यूएस श्रेणी के एक पद को रिक्त रखने का अनुरोध किया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 13 अक्टूबर को होगी।

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