शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (हिमुडा) में शीर्ष पदों पर नियुक्तियों से जुड़े विवाद में एकल जज के फैसले पर पूर्ण रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने अपील लंबित रहने तक अंतरिम व्यवस्था करते हुए आदेश दिया कि अंजोरी कपूर हिमुडा की सीईओ पद पर बनी रहेंगी, जबकि पूर्व सीईओ सुरेंद्र कुमार को चीफ इंजीनियर के रूप में एडवाइजर (पॉलिसी एंड स्ट्रेटेजी) के तौर पर काम करने की अनुमति दी गई है। उल्लेखनीय है कि अंजोरी कपूर ने वरिष्ठता के आधार पर चुनौती दी थी कि वे 2014 में अधीक्षण अभियंता बनी थीं, जबकि सुरेंद्र कुमार 2017 में इस पद पर पदोन्नत हुए थे। एकल जज ने 27 मई 2025 की उस अधिसूचना को रद्द कर दिया था जिसके तहत सुरेंद्र कुमार की नियुक्ति हुई थी। अब खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि यह अंतरिम व्यवस्था अपील के अंतिम निपटारे तक लागू रहेगी।





