लाइव हिमाचल/सोलन: तमाम सियासी खींचतान, पार्षदों की बाड़ेबंदी और कानूनी अड़चनों के बीच सोलन नगर निगम के मेयर और डिप्टी मेयर पद के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए हैं, जिसमें भाजपा ने अपनी सोची-समझी रणनीति के तहत दोनों मुख्य पदों पर कब्जा कर लिया है। वीरवार दोपहर 3 बजे शुरू हुई और करीब डेढ़ घंटे चली इस चुनाव प्रक्रिया में 17 पार्षदों के साथ स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनी राम शांडिल ने भी हिस्सा लिया। गत 29 जून को कोरम पूरा न होने के कारण टले इस चुनाव में भाजपा ने एकजुटता दिखाते हुए मेयर पद पर अपनी तीन बार की वरिष्ठ पार्षद सुषमा शर्मा को जीत दिलाई, जिन्हें भाजपा के 10 और एक निर्दलीय के समर्थन से कुल 11 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी शर्मा को विधायक के मत सहित केवल 7 वोटों से संतोष करना पड़ा। वहीं, डिप्टी मेयर पद पर भाजपा ने अपने बागी और निर्दलीय चुनाव जीते गौरव राजपूत को रणनीतिक समर्थन दिया, जिन्होंने कांग्रेस के नरेंद्र कुमार (वार्ड-13) को 11 बनाम 7 मतों के अंतर से शिकस्त दी।
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हालांकि, इस चुनाव से ठीक पहले सोलन की सियासत में जबरदस्त ड्रामा देखने को मिला; जहाँ भाजपा को अपने पार्षदों के टूटने के डर से उन्हें देहरादून और कसौली के होटलों में छिपाकर रखना पड़ा, वहीं चुनाव से ऐन पहले भाजपा के दो पार्षदों—रोहित भारद्वाज (वार्ड-4) और रेखा साहनी (वार्ड-6)—के खिलाफ अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई गई। एसडीएम की जांच में इन दोनों पार्षदों पर आरोप सही पाए गए हैं और उपायुक्त ने आगामी कार्रवाई के लिए यह रिपोर्ट मंडलायुक्त शिमला को भेज दी है। इसके बावजूद, इन तमाम कानूनी संकटों को दरकिनार करते हुए, चुनाव से ठीक पहले दोपहर को माता शूलिनी के मंदिर में शीश नवाने के बाद भाजपा खेमे ने निगम की सत्ता पर अपना पूर्ण नियंत्रण स्थापित कर लिया। सोलन नगर निगम के ऐतिहासिक चुनाव में भाजपा ने न सिर्फ मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर जीत दर्ज की है, बल्कि एक गहरी दूरदर्शी राजनीतिक रणनीति का भी प्रदर्शन किया है। इस पूरे चुनाव का सबसे चर्चित पहलू भाजपा से बागी होकर निर्दलीय चुनाव जीते गौरव राजपूत को डिप्टी मेयर पद के लिए समर्थन देना रहा; हालांकि गौरव राजपूत ने स्पष्ट किया है कि वह भाजपा में शामिल नहीं होंगे बल्कि केवल निगम में अपना समर्थन बनाए रखेंगे, लेकिन राजनीतिक जानकारों के अनुसार भाजपा का यह दांव एक सोची-समझी चाल है। दरअसल, सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में नोटिस का सामना कर रहे भाजपा के दो पार्षदों पर यदि भविष्य में कोई कानूनी गाज गिरती है, तो बहुमत का आंकड़ा बनाए रखने के लिए गौरव राजपूत का यह समर्थन भाजपा के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा। इस बड़ी जीत के बाद कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जोड़-तोड़ और चुनाव टालने की हर संभव कोशिश की, यहाँ तक कि भाजपा पार्षदों को डराने के लिए नोटिस तक जारी करवाए गए, लेकिन पार्टी की अटूट एकजुटता ने कांग्रेस की क्रॉस-वोटिंग कराने की उम्मीदों पर पूरी तरह पानी फेर दिया। वहीं दूसरी ओर, अपने 16 साल के लंबे राजनीतिक सफर में चौथी बार पार्षद चुनकर मेयर की कुर्सी तक पहुँचीं सुषमा शर्मा ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए सभी पार्षदों को साथ लेकर सोलन शहर के संतुलित और समग्र विकास का संकल्प लिया है, जबकि डॉ. बिंदल ने इस एकजुटता और जीत को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक बेहद सकारात्मक व निर्णायक संदेश करार दिया है।




