शिमला: हिमाचल प्रदेश की 3,758 पंचायतों में हाल ही में निर्वाचित हुए प्रधान और उपप्रधान सोमवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर औपचारिक रूप से अपनी जिम्मेदारियां संभालने जा रहे हैं। राज्य सरकार की जारी अधिसूचना के अनुसार, इस शपथ ग्रहण समारोह के बाद सभी पंचायतों में चुने हुए जन-प्रतिनिधियों के नेतृत्व में कामकाज शुरू हो जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास गतिविधियों को एक नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि 31 जनवरी को पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद से पंचायतों का संचालन प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से किया जा रहा था, और 29 अप्रैल से चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण कई विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित रहे। अब इन नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के कार्यभार संभालने से पंचायत स्तर पर रुकी हुई योजनाएं, निर्माण कार्य और आम जनता की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (सामान्य) नियम, 1997 के तहत इस महत्वपूर्ण गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों को शपथ दिलाने के लिए अधिकृत किया गया है।
इस व्यवस्था के तहत कांगड़ा जिले में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, चंबा में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, ऊना में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और शिमला में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को पद की शपथ दिलाएंगे। इसी तरह सोलन में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल, सिरमौर में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मंडी में पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, बिलासपुर में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, कुल्लू में कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार और लाहौल-स्पीति में उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाकर उनके दायित्व सौंपेंगे। इस बार के चुनावों की एक खास बात यह भी रही कि प्रदेश में 176 प्रधान और 286 उपप्रधान निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं, जो आपसी सामंजस्य की एक बेहतरीन मिसाल है। शपथ ग्रहण के बाद नवगठित ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की पहली औपचारिक बैठक 27 जून को आयोजित की जाएगी, जिसमें विकास कार्यों और पंचायत प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा कर बड़े फैसले लिए जाएंगे; जबकि लाहौल-स्पीति और पांगी क्षेत्र की कुछ विशिष्ट पंचायतों के लिए इस पहली बैठक का आयोजन 18 अक्तूबर को किया जाएगा।





