लाइव हिमाचल/शिमला: हिमाचल प्रदेश में लोकतंत्र के सबसे जमीनी उत्सव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, जहां रविवार सुबह ठीक सात बजे से प्रदेश के 51 शहरी निकायों में मतदान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस महामुकाबले में धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन जैसे चार बड़े नगर निगम भी शामिल हैं, जहां दोपहर तीन बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। चुनाव की खास बात यह है कि वोटिंग खत्म होते ही नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनावी नतीजे कल ही घोषित कर दिए जाएंगे, जबकि चारों नगर निगमों, जिला परिषद और पंचायत समिति के मतों की गणना के लिए 31 मई तक का इंतजार करना होगा। इस बार का राजनीतिक समीकरण भी दिलचस्प है, क्योंकि जहां नगर निगम के चुनाव सीधे पार्टी के चुनाव चिह्न पर लड़े जा रहे हैं, वहीं नगर पंचायतों और परिषदों में उम्मीदवार बिना किसी पार्टी सिंबल के मैदान में हैं। मतदाताओं की सहूलियत के लिए ईवीएम मशीनों को तैयार किया गया है, जिसमें अधिकतम 15 प्रत्याशियों के नाम के साथ-साथ अंत में ‘नोटा’ का विकल्प भी मौजूद रहेगा। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इस बार 439 पदों पर कब्जा जमाने के लिए कुल 1147 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनके भाग्य का फैसला हिमाचल के करीब 3 लाख 80 हजार मतदाता करेंगे। इन मतदाताओं में 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिलाएं और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं। शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद से ही चुनावी रैलियों, लाउडस्पीकरों, जुलूसों और विज्ञापनों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जिसके बाद से प्रत्याशी सिर्फ डोर-टू-डोर जाकर व्यक्तिगत संपर्क के जरिए वोट मांग रहे हैं। सुरक्षा और शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए शनिवार से लेकर रविवार तक सभी चुनावी क्षेत्रों में शराब के ठेके पूरी तरह से बंद रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। आज शनिवार को सभी पोलिंग पार्टियों को ईवीएम और अन्य चुनावी सामग्री बांट दी गई है और सभी मतदान दलों को शनिवार शाम तक अपने-अपने बूथों पर पहुंचकर मोर्चा संभालने को कहा गया है, ताकि रविवार सुबह तय समय पर मतदान की शुरुआत की जा सके।





