Women Reservation Bill: लोकसभा में संविधान का 131वां संशोधन बिल, 2026 पास नहीं हो सका, यह बिल जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाया. इसको लेकर आज भाजपा देशभर में विपक्षी पार्टियों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली है. शुक्रवार को लोकसभा ने एक अहम बिल खारिज कर दिया, जिसका मकसद महिलाओं को मिलने वाले 33% आरक्षण को जल्दी लागू करना और बिना नई जनगणना के सीटों का पुनर्निर्धारण करना था. बिल पर कुल 528 सांसदों ने वोटिंग की. 298 सांसद इसके पक्ष में थे, वहीं 230 सांसद विरोध में थे. हालांकि इस बिल को पास होने के लिए जरूरी दो-तिहाई (2/3) बहुमत यानी 352 वोट हासिल नहीं कर पाया, इसलिए यह गिर गया. यह पूरा मामला संसद के 16 से 18 अप्रैल तक चलने वाले विशेष सत्र के दौरान सामने आया, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) में बदलाव पर चर्चा हो रही थी. इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है. नए प्रस्ताव में 2029 तक इसे लागू करने और लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने की भी बात थी. बिल गिरने के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने विपक्ष के खिलाफ देशभर में बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, BJP ने अपने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि देश के हर जिले में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएं. इस अभियान का मकसद लोगों को यह बताना है कि विपक्ष की वजह से महिलाओं को बराबरी का बड़ा मौका मिलने में देरी हो रही है।





