शिमला: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी के गठन के बाद प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक आज कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन, शिमला में शुरू हुई। बैठक में संगठन की मजबूती और सरकार के साथ बेहतर तालमेल को लेकर चर्चा की जा रही है। साथ ही आगामी पंचायत चुनाव को ध्यान में रखते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने की, जबकि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल विशेष रूप से मौजूद हैं। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि आज की बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के लिए मंथन होगा। सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल कैसे बने, इस पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही आने वाले पंचायत चुनाव की रणनीति तय की जाएगी। कौल सिंह ठाकुर समेत कुछ वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी से जुड़े सवाल पर रजनी पाटिल ने कहा कि बैठक में संगठन के सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होगी। कौल सिंह सहित सभी वरिष्ठ नेता बैठक में हिस्सा ले रहे हैं और सबकी राय से ही संगठन आगे बढ़ेगा।
रजनी पाटिल ने साफ किया कि हिमाचल कांग्रेस में ‘एक व्यक्ति-एक पद’ के सिद्धांत को सख्ती से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जो नेता सरकार में हैं, वे संगठन का पद नहीं रखेंगे और जो संगठन में हैं, उन्हें सरकार में पद नहीं मिलेगा। इससे नए कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा और संगठन में जवाबदेही तय होगी। महिला आरक्षण विधेयक पर पूछे गए सवाल पर प्रदेश प्रभारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन केंद्र पहले जनगणना और परिसीमन का काम पूरा करे। सिर्फ कानून बना देने से महिलाओं को अधिकार नहीं मिलेगा, उसे लागू भी करना होगा। वहीं कांग्रेस नेता आनंद शर्मा की नाराजगी और उनके भाजपा में जाने की चर्चाओं पर रजनी पाटिल ने कहा कि आनंद शर्मा पुराने कांग्रेसी नेता हैं और वह कांग्रेस के साथ ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में आनंद शर्मा से मुलाकात की है। संगठन में कार्य करने वाले नेताओं में कभी-कभार नाराजगी होना स्वाभाविक है। आनंद शर्मा पार्टी परिवार के सदस्य हैं और उनका साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और प्रभारी रजनी पाटिल के अलावा दोपहर बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक दल के कई सदस्य, जिला अध्यक्ष, अग्रणी संगठनों के प्रमुख और नई कार्यकारिणी के पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।





