नेशनल डेस्क: लखनऊ में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। आग विकास नगर इलाके में लगी। इसमें 50 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गई हैं। सिलेंडरों में लगातार ब्लास्ट हो रहे हैं। करीब 10 किलोमीटर दूर से आग की लपटें दिख रही हैं। इलाके में बुधवार शाम करीब साढ़े 5 बजे भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया. आग इतनी भयावह थी कि 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर एक के बाद एक फट गए और100 से अधिक झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं. आग की लपटें करीब 5 किलोमीटर दूर तक दिखाई दीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई. एहतियात के तौर पर आसपास के करीब 10 मकानों को खाली करा लिया गया.
घटना के बाद मौके पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां पहुंचीं और देर रात तक आग पर काबू पाने की कोशिश जारी रही. इलाके की बिजली सप्लाई काट दी गई है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. प्रभावित परिवारों का कहना है कि उनका सारा सामान जलकर खाक हो गया है फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 3 घंटे बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान इलाके की लाइट काट दी गई। अंधेरा होने पर जनरेटर से लाइट लगाकर बचाव कार्य किया गया। एक युवक का कहना है कि उसके 4 बच्चों की जलकर मौत हो गई है। बाकी लोगों का सारा सामान जलकर राख हो गया। जिनकी झोपड़ियां जलीं, वो लोग रोते-बिलखते रहे। कुछ लोगों का आरोप है कि जानबूझकर आग लगाई गई है।
सीएम योगी ने आग की घटना का संज्ञान लेते हुए अफसरों को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से तेजी से बचाव कार्य करने के आदेश दिए। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी से बात की और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद दी जाए और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए. वहीं डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों को हरसंभव इलाज मुहैया कराया जाएगा. आग की इस घटना में कई मवेशियों के भी झुलसने की खबर है. पशु कल्याण अधिकारी अभिनव वर्मा के मुताबिक घायल बेसहारा जानवरों को नगर निगम की गोशाला भेजा जा रहा है. अब तक दो गायों का इलाज किया जा रहा है, जबकि छह को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।





