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‘3 अक्षर ही तो बोलने हैं’ शिमला में मुस्लिम रेहड़ी वालों से जबरन ‘जय श्रीराम’ लगवाने की कोशिश…

शिमला : हिमाचल प्रदेश में मुस्लिम रेहड़ी फहड़ी विक्रेता को जबरन जयश्री राम बुलवाने का मामला सामने आया है. शिमला के 30 किमी दूर ठियोग बाजार का यह मामला है, जिसके दो वीडियो सामने आए हैं। शिमला जिला के ठियोग बाजार में एक युवक द्वारा दूसरे समुदाय के व्यापारियों को ‘जय श्रीराम’ बोलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्हें डराया व धमकाया जा रहा है। कारोबार बंद करने की धमकी दी जा रही है। वीडियो में युवक खुद भी ‘अस्सलाम वालेकुम’ बोलते हुए सुनाई दे रहे हैं और सामने वाले को जय श्रीराम बोलने को कहता है। इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। ‘जय श्रीराम’ कहने को मजबूर करने वाला युवक बाजार में दुकानें चला रहे इन युवकों को रोहिंग्या कह रहा है। वह, पूरे ठियोग बाजार में घूम-घूमकर जय श्रीराम बोलता नजर आ रहा है। मगर स्थानीय प्रशासन और पुलिस को कानों कान खबर नहीं है। पुलिस लिखित शिकायत के इंतजार में है। वहीं जिन दो व्यापारियों को यह युवक जय श्रीराम कहने को बोलता है, वह डरकर दुकान के अंदर चले जाते हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाएं भड़काने और शांति भंग करने जैसा प्रयास बता रहे है, क्योंकि भारत का संविधान हर व्यक्ति को धर्म, आस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है। किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक नारा बुलवाना असंवैधानिक है। ठियोग बाजार की यह घटना न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी गंभीर चुनौती है। धार्मिक नारे आस्था का विषय हैं, मजबूरी का नहीं। कानून स्पष्ट है- किसी को भी डर, धमकी या दबाव के जरिए धार्मिक पहचान साबित करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

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