Himachal Weather: हिमाचल प्रदेश में सर्दी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, जबकि मैदानी जिलों में घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. तापमान में लगातार गिरावट से ठंड और ज्यादा बढ़ने के आसार हैं।
ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का पूर्वानुमान
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों की अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों पर आज बर्फबारी हो सकती है. इससे प्रदेश में ठंड और तेज होने की संभावना जताई गई है. ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है. सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है. वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. शीतलहर और कोहरे के चलते प्रदेश के 5 शहरों में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड हुआ है.
मैदानी जिलों में घने कोहरे की चेतावनी
ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है. सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है. वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.
5 शहरों का तापमान माइनस में पहुंचा
शीतलहर और कोहरे के चलते प्रदेश के 5 शहरों में तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया है, जबकि 19 शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड हुआ है।
लाहौल-स्पीति के ताबो में सबसे कम तापमान माइनस -10.2 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा कुकुमसेरी में -6.7, कल्पा में -4.2, नारकंडा में -1.5 और सोलन में -0.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया.
सोलन में पहली बार माइनस में पहुंचा पारा
इस शीतकालीन सीजन में सोलन का तापमान पहली बार माइनस में गया है, जिसे मौसम विशेषज्ञ असामान्य मान रहे हैं. वहीं कुफरी में 0.4, सियोबाग में 0 और रिकांगपिओ में 0.1 डिग्री तापमान के साथ पारा जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया है. राजधानी शिमला में भी न्यूनतम तापमान पहली बार 2.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है.
बारिश-बर्फबारी न होने से बढ़ी शुष्क ठंड
मौसम विभाग का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में जब तक अच्छी बारिश और बर्फबारी नहीं होती, तब तक प्रदेश में शुष्क ठंड का असर बना रहेगा और लोगों को सर्दी से राहत मिलने की संभावना कम है।





