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उप मुख्यमंत्री ने मंच से ही अपने मुख्यमंत्री को निकम्मा करार दिया : रणधीर शर्मा

शिमला: कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने पर मंडी में आयोजित रैली पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं वरिष्ठ विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम जश्न नहीं बल्कि तीन साल की पूरी तरह असफल शासन व्यवस्था और जनता को दिए धोखे का खुला महोत्सव था। उन्होंने कहा कि जिस तरह के बयान मंच से कांग्रेस नेताओं ने दिए, उसने यह सिद्ध कर दिया कि सरकार अंदर से टूट चुकी है और आपसी राजनीति में उलझी हुई है, जबकि जनता भीषण समस्याओं से जूझ रही है। रणधीर शर्मा ने कहा कि मंच पर सबसे शर्मनाक और अभूतपूर्व दृश्य वह था जब उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने स्वयं अपने मुख्यमंत्री को ‘निकम्मा’, असक्षम और निर्णयहीन बताते हुए खुले में सरकार की पोल खोल दी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है कि किसी सरकार का दूसरा सर्वोच्च पदाधिकारी मुख्यमंत्री की छवि को मंच से ही इस तरह ध्वस्त करता दिखाई दिया। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस सरकार की नाव भीतर ही भीतर हिचकोले खा रही है और नेतृत्व पूरी तरह विभाजित है। इसी के साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने मुकेश अग्निहोत्री को मैन ऑफ द मैच बताकर इस अराजक बयानबाजी को मानो प्रमाणिकता दे दी।  रणधीर शर्मा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री का वह बयान कि अफसरों से रात के अंधेरे में निपट लेंगे, रगड़कर रख देंगे, नेस्तनाबूद कर देंगे… वाला बयान हिमाचल की गरिमामयी परंपरा और लोकतांत्रिक संस्कृति पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा न केवल राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़ती है, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे को डराने और दबाव में लाने का प्रयास भी है। रणधीर शर्मा ने कहा कि जश्न मनाने के लिए उपलब्धि चाहिए, और कांग्रेस सरकार के पास उपलब्धियों की जगह विफलताओं का पहाड़ है। शर्मा ने कहा कि कांग्रेस रैली में असली कांग्रेस कार्यकर्ता बहुत कम दिखे, जबकि सरकारी कर्मचारी, लाभार्थी और विभिन्न विभागों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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