चंबा : हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला में इन दिनों सियासत गरमाई हुई है। भाजपा एससी मोर्चा जिला अध्यक्ष नरेश रावत ने शारीरिक शोषण करने के आरोपों में घिरे व जमानत पर चल रहे चुराह से भाजपा विधायक हंसराज व उनके समर्थकों से जान को खतरा बताया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपकर स्वयं के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंटरनेट मीडिया पर उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हो रहा है, जिसमें नरेश रावत विधायक पर आरोप लगाने वाली युवती को एक होटल में छोड़ने आए थे। नरेश रावत ने पुलिस को लिखे पत्र में बताया कि जिस युवती की शिकायत पर विधायक के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है, उसको चंबा शहर के एक होटल में युवती के पिता के कहने पर छोड़ने गए थे। महिला कांस्टेबल भी युवती के साथ थी। बावजूद इसके होटल की सीसीटीवी फुटेज निकालकर इस हाईप्रोफाइल मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। इस फुटेज को विधायक हंसराज व उनके समर्थकों की ओर से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। यही नहीं विधायक व उनके समर्थक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर मुझे नुकसान पहुंचाने व जान से मारने का षड़यंत्र रच रहे हैं।
दुश्मनी भरा व्यवहार किया जा रहा
रावत ने बताया कि वह वर्ष 2004 में छात्र संगठन से जुड़े। वर्ष 2009 में उन्होंने एक एनजीओ बनाई। तब से उनकी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका रही है। वर्ष 2016 में ग्राम पंचायत मसरूंड के प्रधान भी रहे। तब से उनके साथ दुश्मनी भरा व्यवहार किया जा रहा है। इस संबंध में जब विधायक का पक्ष के लिए फोन किया गया तो किसी अन्य व्यक्ति ने उठाया। उस व्यक्ति ने बताया कि यह फोन हैक हो गया था, इस कारण थाने में जमा किया गया था। चुराह की युवती ने नवंबर में इंटरनेट मीडिया पर विधायक डा. हंसराज पर यौन शोषण सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए थे। युवती की शिकायत पर महिला पुलिस थाना चंबा में सात नवंबर 2025 को पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद विधायक ने चंबा कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए याचिका लगाई। चंबा कोर्ट ने विधायक को 11 नवंबर को 22 नवंबर 2025 तक के लिए अंतरिम जमानत दी थी। बाद में 22 नवंबर को उनकी अग्रिम जमानत की अवधि बढ़ाकर 27 नवंबर कर दी गई थी। चंबा जिला एवं सत्र न्यायालय ने विधायक को 27 नवंबर को नियमित जमानत दे दी थी।





