शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि यदि इंडिया गठबंधन बिहार में सरकार बनाता है तो वहां भी पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) हिमाचल की तर्ज पर लागू की जाएगी। पत्रकारों से बातचीत में सुक्खू ने कहा कि बिहार में एनडीए के 20 वर्षों के शासन के बावजूद विकास का कोई ठोस संकेत नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि बिहार में 64 प्रतिशत लोग आज भी प्रतिदिन मात्र 66 रुपए पर जीवनयापन कर रहे हैं। यह अपने आप में विकास की असफलता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने कार्यकाल की पहली ही कैबिनेट बैठक में ओपीएस को बहाल किया था, जिससे राज्य के 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ मिला है और उनकी पेंशन में दस गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम राहुल गांधी के वादे को निभाने के लिए उठाया गया था, न कि राजनीतिक लाभ के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में एनडीए सरकार महिलाओं को चुनाव पूर्व राजनीतिक लाभ के लिए 10 हजार रुपए बांट रही है। सुक्खू ने हिमाचल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में दूध पर रिकॉर्ड न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है, जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और सार्वजनिक परिवहन को इलैक्ट्रिक वाहनों की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की प्रति व्यक्ति आय मात्र 87 हजार रुपए है, जबकि हिमाचल प्रदेश में यह 2.57 लाख तक पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के आने के बाद हिमाचल की शिक्षा व्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।





