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Dussehra 2025: आज है दशहरा, कब करें पूजा और किस समय होगा रावण दहन,जानिए कलश विसर्जन और शस्त्र पूजन की विधि…

 

परंपरा: आज किए जाने वाले शुभ काम

विसर्जन मुहूर्त
सुबह 10:40 से दोपहर 1:40 तक, शाम 4:30 से 6 बजे तक -08-1-80–पुस्तक और शस्त्र पूजन के मुहूर्त, दोपहर 2:09 से 2:56 तक (विजय मुहूर्त) 08-1-800- खरीदारी के मुहूर्त दोपहर 2:09 सुबह 10:40 से 2:56 तक दोपहर 1:40 तक शाम 4:30 से 6:00 बजे तक

घट विसर्जन: नवरात्रि के पहले दिन स्थापित किए कलश और देवी का विसर्जन।

विद्या और शस्त्र पूजा: पुस्तक, हथियार, औजार, व्हीकल और मशीनों की पूजा।

नई शुरुआत: नया बिजनेस या शुभ काम की शुरुआत।

लेन-देन: नौकरी-बिजनेस में पैसों का लेन-देन या नया निवेश।

मूली, केला, ग्वारफली, गुड़ और चावल अर्पित कर धूप-दीप जलाया जाता है. इस दिन बहीखातों की भी पूजा का विशेष महत्व होता है. अंत में ब्राह्मणों को दान दिया जाता है और रावण दहन के बाद घर के बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है.

सुख-समृद्धि के लिए उपाय

इस दिन शमी के पौधे की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है. मान्यता है कि इससे घर में सुख, शांति और बरकत आती है. शाम को शमी के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना चाहिए.

आर्थिक स्थिति सुधारने का उपाय

अगर आर्थिक संकट बना हुआ है, तो दशहरे के दिन श्रीरामचरितमानस या सुंदरकांड का पाठ करने से लाभ मिलता है. इससे मानसिक शांति भी प्राप्त होती है और धीरे-धीरे आर्थिक समस्याएं दूर होने लगती हैं.

दशहरा 2025 का महत्व

दशहरा हमें केवल धार्मिक शिक्षा ही नहीं देता, बल्कि यह धैर्य, साहस और धर्म की रक्षा का संदेश भी देता है. देश के विभिन्न हिस्सों में इस पर्व को अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है. कहीं रामलीला का मंचन होता है, तो कहीं दुर्गा पूजा का समापन विजयादशमी के साथ होता है. यह त्योहार सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. दशहरे का सबसे बड़ा संदेश यही है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः जीत अच्छाई की ही होती है।

खरीददारी: इलेक्ट्रॉनिक सामान, प्रॉपर्टी और खासतौर से व्हीकल खरीददारी।

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