शिमला: वर्ष 2008 में शुरू हुई भर्ती के तहत नियुक्त किए गए स्कूल प्रवक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। शिक्षा विभाग ने इन्हें नियुक्ति तिथि से ही रेगुलर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। कुल 1080 टीचर्स को इसका लाभ मिलेगा। हिमाचल सरकार ने शिक्षा विभाग में एक कैटेगरी के लिए नियुक्ति तिथि से रेगुलराइजेशन के आदेश जारी किए हैं। यह मामला 1404 स्कूल लेक्चरर का है। इन्हें 2008 में जारी विज्ञापन के जरिए तब के हिमाचल प्रदेश अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड हमीरपुर के माध्यम से भर्ती किया गया था, जबकि भर्ती नियमों में कांट्रैक्ट का प्रावधान उसके बाद हुआ था। भर्ती के लिए विज्ञापन 28 अगस्त, 2008 को हुआ था, जबकि भर्ती नियमों में अनुबंध शब्द 25 जून, 2009 को जोड़ा गया। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने चार अक्टूबर 2024 को दिए आदेश में कहा था कि इन प्रवक्ताओं को नियुक्ति की तिथि से नियमित मानकर सभी लाभ दिए जाएं। वित्तीय लाभ याचिका दायर करने से तीन वर्ष पहले तक ही सीमित रहेंगे।सरकार ने हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्त अधिनियम 2024 का तर्क दिया। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि विभाग ने आदेशों को लागू करने के बजाय गलत व्याख्या की है। इसके बाद कोर्ट ने सचिव शिक्षा को स्वयं उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। सरकार ने माना कि यह मामला अधिनियम 2024 के दायरे में नहीं आता और 18 अगस्त 2025 को शिक्षा विभाग को याचिकाकर्ताओं को नियमित नियुक्ति का लाभ देने को कहा। इस निर्णय से प्रवक्ताओं को राहत मिली है और उन्हें सभी लाभ मिलेंगे। हिमाचल प्रदेश राज्य आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारी महासंघ ने 35 आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश जारी करने पर सरकार का आभार व्यक्त किया। इन नियुक्तियों से प्रदेश के पिछड़े व दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। महासंघ के प्रधान तिलक ठाकुर व महासचिव कुलदीप चंदेल ने नियुक्तियों के लिए के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, आयुष मंत्री यादविंदर गोमा, आयुष विभाग के सचिव अबु शाइनामोल व निदेशक रोहित जम्वाल का धन्यवाद किया।





