शिमला : हिमाचल प्रदेश में लोगों को अब बारिश से राहत मिलने वाली है. सोमवार को प्रदेश में धूप खिली है. वहीं. अगले छह दिन तक प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान है. कुछ एक इलाकों में हल्की बारिश जरूर हो सकती है. लेकिन तेज बारिश से राहत मिलेगी. इससे पहले, रविवार को मंडी जिले में भारी बारिश ने लोगों को डरा दिया. शहर के जोनल अस्पताल, जेल रोड सहित अन्य इलाकों में मूसलाधार पानी बरसा और लोग डर गए. हालांकि, किसी तरह के जानी नुकसान की खबर नहीं है. अहम बात है कि सोमवार को चार दिन की छुट्टी के बाद स्कूल भी खुल गए हैं. शिमला के मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को जारी बुलेटिन में बताया कि हिमाचल प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है. 8 से 14 सितम्बर तक प्रदेश में हल्की बारिश हो सकती है. लेकिन कोई अलर्ट नहीं रहेगा मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 8 सितम्बर को कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. हालांकि इसके बाद 9 से 14 सितम्बर तक इस तरह की कोई चेतावनी नहीं है. विभाग ने बताया कि मानसून ट्रफ इस समय दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान, राजस्थान, कच्छ होते हुए उत्तर प्रदेश, प्रयागराज, दालटोंगंज और दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक सक्रिय है और दक्षिण पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में 0.9 किमी ऊँचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. उधर, हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम सामान्य रहा, न्यूनतम तापमान कुक्सनगर में 9.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान बिलासपुर में 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं मंडी में 41.0 मिमी, गोहर में 40.0 मिमी, नाहन में 35.4 मिमी, पांवटा साहिब में 30.8 मिमी, बग्गी में 26.0 मिमी, नरकंडा में 24.5 मिमी, जतौन बैराज में 23.4 मिमी और सराहन में 20.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सुन्दरनगर, मुरारी देवी और पालमपुर में गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई। हिमाचल प्रदेश में 20 जून से अब तक भारी बारिश और आपदाओं में 366 लोगों की मौत हो चुकी है, 41 लोग लापता हैं और 426 लोग घायल हुए हैं, इस दौरान 6,301 मकान क्षतिग्रस्त हुए, 1,991 मवेशियों और 26,955 पोल्ट्री बर्ड्स की मौत हुई, 460 दुकानें और 5,284 पशुशालाएं जमींदोज हो गईं, प्रदेश को अब तक 4,080 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है, जबकि 3 राष्ट्रीय राजमार्ग और 820 सड़कें बंद हैं, 1,181 विद्युत आपूर्ति परियोजनाएं और 356 जलापूर्ति योजनाएं ठप पड़ी हुई हैं।





