



जैसलमेर: राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर स्थित जैसलमेर में पकड़े गए चांधन फिल्ड फायरिंग रेंज के डीआरडीओ गेस्ट हाउस के संविदा मैनेजर महेंद्र प्रसाद को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के आरोप में पूछताछ के बाद अब गिरफ्तार कर लिया गया है. वह पाकिस्तानी हैंडलर को डीआरडीओ वैज्ञानिकों और भारतीय सेना के अधिकारियों से जुड़ी सूचनाएं भेज रहा था. उसे गिरफ्तार करने से पहले कई सुरक्षा एजेंसियों ने लंबी पूछताछ की थी. सब बातों की पुष्टि होने के बाद से गिरफ्तार किया गया है. महानिरीक्षक पुलिस सीआईडी (सुरक्षा) डॉ. विष्णुकांत ने बताया कि राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस विदेशी एजेंटों की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी. इस दौरान पता चला कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी महेंद्र प्रसाद (32) सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में है. वह चांधन फायरिंग रेंज में मिसाइल और हथियारों के परीक्षण के लिए आने वाले डीआरडीओ वैज्ञानिकों तथा भारतीय सेना के अधिकारियों की गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर को भेज रहा था. उसके बाद सीआईडी इंटेलिजेंस ने 4 अगस्त को संदिग्ध महेंद्र प्रसाद को पकड़ा था. उसके पास दो मोबाइल मिले थे. उसके बाद उसे जयपुर के केंद्रीय पूछताछ केंद्र में लाकर विभिन्न खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर पूछताछ की गई. उसके मोबाइल फोन की तकनीकी जांच कराई गई. उसमें पुष्टि हुई कि उसने डीआरडीओ और भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तानी हैंडलर को दी थी. इस पर महेंद्र प्रसाद के खिलाफ मंगलवार को शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत मुकदमा दर्ज कर सीआईडी इंटेलिजेंस ने उसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. भारत-पाक बॉर्डर पर जैसलमेर में इससे पहले भी कई पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा जा चुका है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद वहां डीआरडीओ गेस्ट हाउस के मैनेजर महेन्द्र प्रसाद के अलावा दो अन्य जासूसों को पकड़ा गया था. इनमें से एक जैसलमेर जिले के दिग्गज कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद का पीए रह चुका था. उससे हुई पूछताछ में भी कई सनसनीखेज खुलासे हुए थे।