



दिल्ली: भारतीय अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती ने पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की ओर से दी गई ताजा चेतावनी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मिथुन ने मंगलवार को कोलकाता में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “अगर ऐसी बातें करते रहेंगे और हमारी खुफिया एजेंसी सनक गई, तो फिर एक के बाद एक ब्रह्मोस चलेगा।” उनका इशारा पाकिस्तान द्वारा भारत को धमकी देने की ओर था, खासकर सिंधु जल संधि के मुद्दे पर। मिथुन चक्रवर्ती ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा, “हमने एक बांध बनाने के बारे में भी सोचा है जहां 140 करोड़ लोग पेशाब करेंगे। उसके बाद, हम बांध खोल देंगे, और सुनामी आ जाएगी।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी पाकिस्तान के लोगों के खिलाफ नहीं थी, बल्कि बिलावल भुट्टो के बयान को लेकर थी। बिलावल भुट्टो की यह चेतावनी तब आई थी जब सिंध सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने सिंधु नदी के पानी के मोड़ने को पाकिस्तान की संस्कृति और सभ्यता पर हमला बताया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंधु नदी पर जल परियोजना पाकिस्तान की जल सुरक्षा के लिए खतरा है। बिलावल ने इसे भारत की मई महीने में हुई सैन्य हार से जोड़ते हुए चेतावनी दी थी कि अगर सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान को नहीं दिया गया, तो युद्ध हो सकता है। बिलावल भुट्टो ने इससे पहले भी इसी तरह की धमकियाँ दी थीं। जून में पाकिस्तान की संसद में उन्होंने कहा था कि यदि सिंधु नदी के पानी का हिस्सा नहीं मिला, तो पाकिस्तान युद्ध करेगा। इस बात के बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था, जिसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि यह समझौता अब कभी बहाल नहीं होगा। बिलावल की चेतावनी के बाद पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने भी भारत को एक नई परमाणु धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर भारत के अस्तित्व को खतरा हुआ, तो पाकिस्तान अपने परमाणु शस्त्रागार का इस्तेमाल कर सकता है और यदि भारत ने पानी का प्रवाह पाकिस्तान की ओर मोड़ा, तो वह भारतीय बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देगा। इसपर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की इस नई परमाणु धमकी से उसके परमाणु कमान और नियंत्रण की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, और भारत किसी भी परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा करेगा।