लाइव हिमाचल/शिमला : जब आपदा आती है तो इंसानियत की असली पहचान सामने आती है। मंडी जिला के सराज क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा ने कई लोगों को मुश्किल में डाल दिया, लेकिन ऐसे कठिन समय में एक अधिकारी ने जो उदाहरण पेश किया, वह समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गया है। धर्मचंद शर्मा जो हिमाचल प्रदेश वन विभाग में डीएफओ के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में डीएम, फॉरेस्ट कॉरपोरेशन, सावड़ा (रोहड़ू) में तैनात हैं। हालांकि इस आपदा में उनका अपना मकान भी क्षतिग्रस्त हो गया लेकिन उन्होंने अपने नुकसान की परवाह किए बिना सराज के लोगों की मदद के लिए अपनी ओर से दो लाख रुपए की राशि बांटी। धर्मचंद शर्मा का यह मानवीय कदम न केवल एक जिम्मेदार अधिकारी की छवि को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सेवा का जज्बा अगर सच्चा हो तो कोई भी कठिनाई रास्ता नहीं रोक सकती। उनके इस योगदान की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोग धर्मचंद शर्मा को एक सच्चा जनसेवक मान रहे हैं। उन्होंने यह भी संदेश दिया है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है और सेवा से बढ़कर कोई कर्तव्य नहीं। वहीं सराज घाटी के लोगों के लिए यह मदद न सिर्फ आर्थिक राहत है बल्कि एक भावनात्मक संबल भी है। जो उन्हें आगे बढ़ने का हौसला देती है।





