नाहन: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में ईद के मौके पर पांवटा साहिब में गोवंश हत्या को लेकर सोमवार देर रात तक हंगामा मचा रहा. गोवंश हत्या के विरोध में सैकड़ों हिंदू संगठन सड़कों पर उतरे और हाईवे को जाम कर दिया. उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. दरअसल, हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा पर यमुना नदी के पास बड़ी संख्या में गोवंश के अवशेष पाए गए हैं, जहां 15 से 20 गोवंश की हत्या की आशंका जताई गई. सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के लोग बड़ी संख्या में पांवटा साहिब पहुंचे और सड़कों पर उतरकर कार्रवाई की मांग की. देर शाम तक कार्रवाई न होने के चलते प्रदर्शनकारियों ने चंडीगढ़-देहरादून नेशनल हाईवे को जाम कर दिया और गौवंश के अवशेष सड़क पर रखकर आक्रोश जताया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए देहरादून के एसएसपी और सिरमौर के एसपी निश्चिंत सिंह नेगी के बीच उच्चस्तरीय बैठक हुई. पुलिस ने लोगों की मांग के मुताबिक कुछ घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया. एसपी सिरमौर एनएस नेगी ने कहा कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और इस मामले में FIR दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि गोवंश के अवशेष हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा पर मिले हैं, ऐसे में दोनों राज्यों की पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ जारी है. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का भरोसा दिया.एसपी सिरमौर एनएस नेगी कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच करेगी. हिंदू जागरण मंच के वरिष्ठ कार्यकर्ता अरुण शर्मा ने बताया कि गोवंश की हत्या कर हिंदुओं की भावना को भड़काने की कोशिश की गई है और पहले भी यहां ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही पुलिस द्वारा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो हिंदू समाज के लोगों को खुद कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ेगा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिमाचल-उत्तराखंड की सीमा पर कुछ लोग गैर कानूनी तरीके से रह रहे हैं, जिनकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने बताया कि वह खुद मौके पर गए थे और एसपी ने बताया कि ये गोवंश के अवशेष उत्तराखंड की सीमा में मिले थे और क्योंकि हिमाचल की सीमा के करीब ये गोवंश मिले हैं तो इसलिए हमने भी केस दर्ज किया है।





