लाइव हिमाचल/धर्मशाला:हिमाचल प्रदेश में इन दिनों टूरिज्म की हालत कुछ खास अच्छी नहीं है।पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद थी कि पर्यटक हिमाचल आएंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है। हिमाचल प्रदेश में टूरिज्म की रफ्तार धीमी पड़ गई है, जिससे पर्यटन कारोबारियों के पास सिर्फ टूरिस्ट का इंतजार करने का ही विकल्प बचा है।धर्मशाला होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी बांबा का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ को एक बड़े इवेंट की तरह प्रस्तुत किया है।यह न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम बल्कि एक बड़ा मेगा इवेंट बन गया है।अब श्रद्धालु तो प्रयागराज जा ही रहे हैं, साथ ही टूरिस्ट भी वहीं जा रहे हैं।उन्होंने कहा कि हिमाचल में टूरिज्म इंडस्ट्री इस समय अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है और पर्यटन कारोबारियों की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। कांगड़ा में होटलों की ऑक्यूपेंसी इस समय 4 से 5 प्रतिशत तक ही है, जो कि न के बराबर है। उन्होंने कहा कि जो पुराने टूरिस्ट थे या फैमिली टूरिस्ट थे, वे महाकुंभ के चलते सीधे प्रयागराज जा रहे हैं, इसलिए यहां ऑक्यूपेंसी बहुत नीचे गिर गई है।बांबा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के पास किसी चीज की कमी नहीं है। यहां ईश्वर की देन से ऐसी जगहें हैं जो टूरिस्ट को खींच लाने के लिए काफी हैं, लेकिन सरकार को इसके लिए प्लान बनाना होगा और यह देखना होगा कि इन जगहों को विश्व स्तर पर कैसे हाइलाइट किया जाए, ताकि सैलानी यहां आने के लिए मजबूर हो जाएं।




