बरसात का मौसम शुरू हो गया है। स्त्री रोग विशेषज्ञ ज्योति सिमलोट के मुताबिक, ऐसे में गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। खासकर इस मौसम में जिस जगह कीचड़ रहता है, वहां जाने से बचना चाहिए। फिसलने के दौरान मां के साथ बच्चे को भी चोट लग सकती है। खानपान का भी ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि इस मौसम में डायरिया, टाइफाइड होने की आशंका भी बढ़ जाती है। अशुद्ध पानी पीने से बचें। बाहर जाते समय घर से ही एक बोतल में पानी भरकर ले जाएं।
बाहर के खानपान का न करें सेवन
खानपान में दूध, दूध से बनी सामग्री, मौसमी फल बादाम का सेवन करें। डाइट में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट शामिल होना चाहिए। आयरन के लिए पालक, टमाटर, चुकंदर का सेवन करना मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। इस मौसम में खासकर बाहर का कुछ भी नहीं खाएं। बाहर का खानपान सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। हर दो घंटे में थोड़ा-थोड़ा कुछ खाना चाहिए। भूखा बिल्कुल भी नहीं रहना चाहिए। ऐसे तो महिलाओं को दिन में दो घंटे और रात में आठ घंटे आराम करना चाहिए, लेकिन आजकल महिलाएं कामकाजी हो गई हैं। ऐसे में उन्हें अपने ऑफिस में पांव लंबे कर आराम करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं इस बात का विशेष ध्यान रखें कि व्यायाम हमेशा विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही करना चाहिए। विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए रोजाना सुबह धूप भी लेना चाहिए।




