दिल्ली : लोकसभा स्पीकर पद के लिए सत्ताधारी एनडीए और विपक्षी गठबंधन के बीच सहमति नहीं बन पाई है और अब स्पीकर पद को लेकर चुनाव होगा। ओम बिरला एनडीए तो के सुरेश विपक्षी गठबंधन की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार होंगे। भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार होगा, जब स्पीकर पद के लिए मतदान होगा।
स्पीकर चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन पर बरसे केंद्रीय मंत्री
विपक्षी गठबंधन की तरफ से के. सुरेश को लोकसभा स्पीकर पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा ‘उन्होंने (विपक्ष) कहा कि पहले डिप्टी स्पीकर के लिए नाम तय कर लें, फिर हम स्पीकर उम्मीदवार का समर्थन करेंगे! हम ऐसी राजनीति की निंदा करते हैं। अच्छी परंपरा तो यह होती कि स्पीकर सर्वसम्मति से चुना जाता। स्पीकर किसी पार्टी या विपक्ष का नहीं होता, वह पूरे सदन का होता है। इसी तरह डिप्टी स्पीकर भी किसी पार्टी या समूह का नहीं होता, वह पूरे सदन का होता है और इसलिए सदन की सहमति होनी चाहिए। ऐसी शर्तें कि कोई खास व्यक्ति या खास पार्टी का ही डिप्टी स्पीकर हो, लोकसभा की किसी भी परंपरा में फिट नहीं बैठतीं।
26 जून की सुबह 11 बजे होगा मतदान
लोकसभा स्पीकर पद के लिए कल यानी 26 जून की सुबह 11 बजे वोटिंग होगी। एनडीए की तरफ से ओम बिरला और विपक्ष की तरफ से कांग्रेस सांसद के. सुरेश उम्मीदवार होंगे।
लोकसभा स्पीकर पद के लिए पहली बार होगा चुनाव
लोकसभा स्पीकर पद के लिए पहली बार चुनाव होने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल एनडीए की तरफ से ओम बिरला और विपक्षी गठबंधन की तरफ से के सुरेश ने स्पीकर पद के लिए नामांकन भर दिया है। स्पीकर पद के लिए लोकसभा में कल यानी 26 जून को चुनाव होगा।
के सुरेश हो सकते हैं स्पीकर पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार
लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद के लिए चुनाव हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सत्ता और विपक्ष में स्पीकर पद के लिए आम सहमति नहीं बन पा रही है। ऐसे में चुनाव हो सकता है। के सुरेश विपक्ष की तरफ से स्पीकर पद के उम्मीदवार हो सकते हैं।
अखिलेश यादव बोले- विपक्ष को मिलना चाहिए डिप्टी स्पीकर का पद
सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चुनाव को लेकर कहा कि ‘सबकुछ जल्द ही साफ हो जाएगा। विपक्ष की मांग है कि डिप्टी स्पीकर पद उन्हें मिलना चाहिए और हमारी पार्टी का भी यही स्टैंड है।





