एक ऐसा जंगली फल जो खाने में बहुत खट्टा और स्वाद में भी ज्यादा अच्छा नहीं होता है, लेकिन इस फल में अनेक खूबियां मौजूद हैं. ये फल विटामिन सी, बी और आयरन का सबसे बड़ा और मुख्य स्त्रोत है. इस फल का नाम है करौंदा. यह रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में कई जगह पर करौंदा की खेती भी की जाती है. इसकी खेती कर किसान भी लाखों रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं. साल में एक बार दिखने वाले इस फल के अनेक फायदे हैं. करौंदा का उपयोग फल और सब्जी दोनों रूप में किया जा सकता है. इसकी सब्जी बहुत स्वादिष्ट बनती है. करौंदा का पौधा जंगली झाड़ी नुमा होता है. इस फल का उपयोग सब्जी और आचार दोनों में किया जाता है. प्राचीन काल से ही भारतीय आयुर्वेद में करौंदा का चिकित्सा प्रणाली में प्रयोग किया जाता रहा है. करौंदा का फल बारिश में होता है. इसके फूल सफेद रंग के होते हैं और डाली पर कांटे लगे होते हैं.
करौंदा खाने के फायदे
(1). करौंदा में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी ,बी और आयरन होता है जो आंखों की रोशनी के लिए फायदेमंद होते हैं.
(2). करौंदा के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.
(3). करौंदा पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है इसमें पेक्टिन पाया जाता है जो एक सोल्यूबर फाइबर होता है.
(4). यह फल ब्लड प्रेशर को भी बैलेंस करता है. इसके सेवन से शरीर को इन्फ्लेशन होने से भी बचाया जा सकता है.
(5). करौंदा तनाव दूर करने में भी सहायक है क्योंकि इस फल में अच्छी मात्रा में मैग्नीशियम पाया जाता है.
करौंदा को डाइट में करें शामिल
करौंदे की सब्जी और चटनी दोनों बनायी जा सकती है. चटनी बाकी चटनियों की तरह धनिया मिर्च-नमक मिलाकर इसे पीस सकते हैं. सब्जी बनाने के लिए इस फल को काट कर दो भागों में कर लेते हैं. हरी मिर्च का तेल में छौंक लगाकर उसमें नमक और थोड़ी शक्कर दोनों डालने से ये खट्टी-मीठी सब्जी खाने में मजेदार बनेगी. इसे रोटी के साथ आसानी से खाया जा सकता है. इसके अलावा रोज चार-पांच करौंदे को नमक लगाकर खाना भी फायदेमंद रहता है।





