दिल्ली. मोदी सरकार जनसरोकार से जुड़ी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की लगातार कोशिश कर रही है. इसका एक ही उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इन योजनाओं को पहुंचाया जाए, ताकि वे सरकारी स्कीम का फायदा उठा सकें. इनमें से दो योजनाएं काफी प्रभावी साबित हो रही हैं. इससे आमलोग सीधे तौर पर लाभान्वित हो रहे हैं. सरकार की ओर से लगातार कोशिश की जा रही है कि इन योजनाओं में किसी तरह की कोई कमी न रहे और इसका लाभ जरूरतमंदों को आनिवार्य रूप से मिल सके. मोदी सरकार की दो योजनाओं में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत स्कीम आमलोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. इन दोनों योजनाओं से एक ओर जहां किचन की स्थिति में सुधार आया है और जीरो कार्बन के लक्ष्य को भी हासिल किया जा रहा है. दूसरी तरफ, आयुष्मान भारत योजना से लोगों का स्वास्थ्य सुधर रहा है. ये दोनों योजनाओं का लाखों-करोड़ों की तादाद में लोग फायदा उठा रहे हैं. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
देश में पहले खासकर गावों में केवल चूल्हों पर ही खाना बनता था, जिसके कारण महिलाओं के स्वास्थ पर विपरीत असर पड़ता था. चूल्हों और कोयले से जलने वाली सिगड़ियां महिलाओं को कई बीमारी दे देती थी. इस समस्या से मुक्ति पाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को की गई. यह योजना गरीब परिवारों को रियायती दरों पर रसोई गैस उपलब्ध कराती है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों इलाके में रहने वाले बीपीएल परिवार के लोगों को इसका फायदा मिल सके. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के बलिया से इसकी शुरुआत की थी. आयुष्मान भारत
मोदी सरकार के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक लोगों का बेहतर स्वास्थ्य भी है. इसी को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की. देशभर के लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. आयुष्मान भारत योजना एक स्वास्थ्य योजना है. इस योजना के अंतर्गत पात्र लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है. इसके लिए पात्र लोग आवेदन करते हैं और उसके बाद उनका आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है. इस योजना के तहत एक फिक्स्ड अमाउंट तक लाभार्थी लिस्ट में शामिल अस्पतालों में अपना इलाज करवा सकते हैं.




