शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी को निचले हिमाचल से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-205 शिमला-परौर पर घंडल के पास क्षतिग्रस्त बैली ब्रिज को ठीक कर यातायात के लिए खोल दिया है। इससे बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, धर्मशाला, कांगड़ा सहित ऊपरी शिमला आने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। आठ दिन बाद गुरुवार रात करीब 7:00 बजे बैली ब्रिज से यातायात को बहाल किया गया। लोक निर्माण विभाग के मुताबिक भारी बारिश से घंडल के पास बैली ब्रिज के नीचे से लगातार मिट्टी गिरने से खतरा बना था।
एक हफ्ते में लगातार काम करने के बाद विभाग ने पुल को दोबारा आवाजाही के लिए बहाल कर लिया है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता ने बताया कि बरसात की वजह से पुल का एक हिस्सा भू-स्खलन की चपेट में आया था। इस पुल के टूटने की वजह से शिमला का संपर्क बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और मंडी से कट गया था। शिमला से बाहर जाने वाली और वापस लौटने वाली बसें घंडल पुल में सवारियों को उतार रही थीं, लेकिन अब सभी यात्री सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगी। यात्रियों को बार-बार बस बदलने की जरूरत नहीं है। इसके अलावा बड़े वाहन भी अब आसानी से पुल पार कर पाएंगे। प्रमुख अभियंता अजय गुप्ता ने बताया कि पीडब्ल्यूडी ने इस पुल को बहाल करने में पूरी ताकत झोंक दी थी। एक हफ्ते में दोबारा से यातायात शुरू हुआ है।
बता दें कि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी क्षतिग्रस्त घंडल पुल का निरीक्षण कर अधिकारियों को इसे जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ब्रिज बहाली को लेकर मजदूर युद्धस्तर पर कार्य में जुटे थे। इस दौरान लोगों को राहत देने के लिए यहां शटल बसों की व्यवस्था की थी। बावजूद लोगों को पैदल आवाजाही कर सामान ढोने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इससे रोजाना हजारों लोगों को अपने गंतव्य तक आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
नेशनल हाईवे-205 बंद होने के बाद वाहनों को 9 किमी से लेकर 34 किमी तक का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा था। चंद मिनट के सफर में कई कई घंटे लग रहे थे। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों से ट्रैफिक डायवर्ट होने से स्थानीय लोग भी परेशान थे। इन संपर्क मार्गों पर भी लगातार भूस्खलन होने से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही थीं। निचले हिमाचल से शिमला की ओर आने वाले भारी वाहन वाया गलोग-धामी-बागीपुल-देवनगर-घणाहट्टी तथा छोटे वाहन बंगोरा-सोलह मील-शकराह-घणाहट्टी से चल रहे थे।





