शिमला : शिमला नागरिक सभा की टूटू इकाई ने कई दिनों से जनता को पानी की आपूर्ति न करने के खिलाफ नगर निगम शिमला के महापौर कार्यालय के बाहर खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। नागरिक सभा ने बताया कि अगर टूटू व शिमला की जनता को नियमित पानी की आपूर्ति न की गई तो नागरिक सभा आंदोलन तेज करेगी।
नगर निगम स्वयं दावे कर रहा है कि निगम को एक तिहाई पानी की आपूर्ति हो रही है। इस अनुमान से हर तीसरे दिन शिमला शहर व टूटू की जनता को पानी की आपूर्ति होनी चाहिए लेकिन जनता को एक सप्ताह से पानी नहीं मिला है। शहर पानी के बंटवारे में भेदभाव व भाई भतीजावाद हो रहा है। प्रभावशाली लोगों के इलाकों व कॉलोनियों में पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है जबकि आम जनता पानी कद लिए त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है।
इस से स्पष्ट हो रहा है कि शिमला शहर में पानी की आपूर्ति के लिए प्रभावशाली व्यक्तियों व आम जनता के लिए नगर निगम शिमला का अलग अलग नज़रिया है व दो पैमाने हैं। उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि पानी के इस भयंकर संकट में वह शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड से बेहतर तालमेल बिठाए व जनता को नियमित पैनी उपलब्ध करवाए। उन्होंने नगर निगम को चेताया है कि पानी की आपूर्ति में बंदरबांट किसी भी सूरत में सहन नहीं होगी।
उन्होंने मांग की है कि वर्तमान हालात को मध्यनज़र रखते हुए हर तीसरे दिन पूरे शिमला शहर में पानी की आपूर्ति होनी चाहिए। अगर ऐसा न हुआ तो नागरिक सभा उग्र आंदोलन करेगी। प्रदर्शन में नागरिक सभा सह संयोजक विजेंद्र मेहरा, टूटू इकाई के सचिव हेमराज चौधरी, कुंदन शर्मा, बाबू राम, बालक राम, कमल शर्मा, अंकुश, अमन, टेक चंद, संदीप दिशु, पवन, रामप्रकाश आदि मौजूद रहे।





