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प्रदेश बीजेपी कार्यकारिणी में जल्द होगा बदलाव,पार्टी अध्यक्ष ने जेपी नड्डा को सौंपी सूची

शिमला :  प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। पहले प्रदेश अध्यक्ष बदला गया अब पूरी कार्यकारिणी बदलने की तैयारी है। पार्टी सूत्रों की माने तो प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल ने संभावित कार्यकारिणी की लिस्ट तैयार कर मंजूरी के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेज दी है। नड्डा की मुहर लगने के बाद लोकसभा चुनाव की फील्ड अब नई कार्यकारिणी सजाएगी। प्रदेश BJP को 10 जुलाई से पहले नई कार्यकारिणी मिल जाएगी। निष्क्रिय पदाधिकारियों को बाहर करने की पूरी तैयारी है। खासकर जिन पदाधिकारियों के चुनाव क्षेत्रों में भाजपा के वोट का ग्राफ ज्यादा गिरा है और बीते विधानसभा चुनाव में खुलकर बगावत हुई हैं, उन्हें कार्यकारिणी में तवज्जो नहीं मिलेगी।मौजूदा कार्यकारिणी के कुछ पदाधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है, क्योंकि जिस कार्यकारिणी के साथ पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप ने संगठन का जिम्मा संभाला था, उनमें से अधिकांश की तैनाती पूर्व में अध्यक्ष रहते हुए राजीव बिंदल ने ही की थी। हालांकि तब राजीव बिंदल को कोविड काल में कथित घोटाले नाम आने के बाद उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।
बता दें कि भाजपा हाईकमान ने अप्रैल माह में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप को हटा चुका है। इनके स्थान पर राजीव बिंदल को दोबारा अध्यक्ष बनाया गया है। इसलिए उनकी पुरानी टीम के कुछ पदाधिकारी भी नियमित किए जाएंगे। सूत्रों की माने तो बिंदल ने युवाओं और महिलाओं को भी संगठन में तैनाती की सिफारिश हाईकमान से की है।भाजपा हाईकमान पहले चरण में राज्य कार्यकारिणी को बदलेगा। इसके बाद जिला अध्यक्ष, फिर ब्लाक अध्यक्ष और आखिर में ब्लाक व जिला कार्यकारिणी भी नई बनेगी। ब्लाक व जिला कार्यकारिणी में बीते चार-पांच सालों में अच्छा काम करने वालों को राज्य कार्यकारिणी में प्रमोट किया जाएगा।

बता दें कि हिमाचल में भाजपा लगातार चुनाव हार रही है। साल 2021 में पहले उपचुनाव में भाजपा को चार-शून्य से करारी हार मिली। तब भाजपा ने मंडी लोकसभा सीट को गंवाया, जिसे BJP ने 2019 के आम चुनाव में चार लाख से ज्यादा मतों के अंतर से जीता था। बीते साल विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ा और मिशन रिपिट का नारा सपना बनकर रह गया। इसके बाद हाल में शिमला नगर निगम के चुनाव हुए। इसमें भी भाजपा को करारी शिकस्त मिली है।

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