सोलन: नगर निगम सोलन के लिए 17 मई, 2026 को होने वाले निर्वाचन के दृष्टिगत आज यहां पीठासीन अधिकारियों तथा पोलिंग अधिकारियों के लिए प्रथम चरण का पूर्वाभ्यास आयोजित किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त सोलन राहुल जैन ने यह पूर्वाभ्यास आयोजित करवाया। इस अवसर पर उपस्थित 407 पीठासीन अधिकारियों तथा पोलिंग अधिकारियों को मतदान केन्द्रों, निर्वाचन समय सारणी तथा उनके कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
राहुल जैन ने निर्वाचन के लिए तैनात सभी कर्मचारियों का आह्वान किया कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सम्पन्न करवाएं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में नियम पालन अनिवार्य है और इस दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह त्रुटिराहित एवं सफल निर्वाचन प्रक्रिया के लिए ज़िला निर्वाचन अधिकारी द्वारा नियुक्त सहायक निर्वाचन अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करना सुनिश्चित बनाएं।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पोलिंग बूथ में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का दायित्व है कि वह वोट डालने वाले प्रत्येक व्यक्ति की वोट की गोपनीयता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक चुनावी कर्मचारी अपने पोलिंग बूथ पर तय समय पर पहुंच कर वोटिंग से पूर्व के सभी आवश्यक कार्य करना सुनिश्चित करें ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पडे़। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को प्राथमिकता से मतदान करवाएं। वहीं सहायक निर्वाचन अधिकारी एवं उपमण्डलाधिकारी सोलन डॉ. पूनम बंसल ने इस अवसर पर पीठासीन, सहायक पीठासीन व पोलिंग अधिकारियों को निर्वाचन प्रक्रिया की जानकारी प्रदान की।
तहसीलदार निर्वाचन ऊषा चौहान ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के कंट्रोल यूनिट तथा बैलेट यूनिट के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
पूर्वाभ्यास प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को चुनाव प्रक्रिया बारे विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा उपस्थित पीठासीन, सहायक पीठासीन व पोलिंग अधिकारियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर निर्वाचन के लिए तैनात पीठासीन तथा पोलिंग अधिकारी उपस्थित थे।
Day: April 28, 2026
सोलन में खाद्य पदार्थों की नई दरें लागू: ज़िला प्रशासन ने अगले एक माह के लिए तय किए दाम
सोलन: ज़िला दण्डाधिकारी सोलन मनमोहन शर्मा ने हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश, 1977 के खंड 3 (आई) (ई) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सोलन ज़िला में खाद्य वस्तुओं की दर अगले एक माह के लिए निर्धारित की हैं। अधिसूचना के अनुसार बकरा एवं भेड़ा का मीट 550 रुपये प्रति किलोग्राम, सुअर का मीट 300 रुपये प्रति किलोग्राम, चिकन ड्रेस्ड 180 प्रति किलोग्राम, ब्रॉइलर ड्रेस्ड 240 रुपये प्रति किलोग्राम तथा बिना तली मछली 250 रुपये प्रति किलोग्राम रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। अधिसूचना के अनुसार तंदूरी चपाती प्रति 10 रुपये, तवा चपाती प्रति 08 रुपये, भरा हुआ परांठा प्रति 30 रुपये, चावल, चपाती, दाल और सब्जी फूल डाईट प्रति 90 रुपये, पूरी प्लेट चावल 50 रुपये, दाल फ्राइ प्रति प्लेट 60 रुपये, सब्जी एवं चना एवं दही के साथ दो पूरी प्रति प्लेट 50 रुपये तथा रायता का मूल्य प्रति प्लेट 50 रुपये निर्धारित किया गया है।
इस अधिसूचना के अनुसार स्थानीय दूध 50 रुपये प्रति लीटर, सभी ब्रांड का पैकेट वाला दूध मुद्रित मूल्य के अनुसार उपलब्ध होगा। पनीर 300 रुपये प्रति किलोग्राम तथा दही का मूल्य 70 रुपये प्रति किलोग्राम मूल्य तय किया गया है। सभी ब्रांड के शीतल पेय मुद्रित दर के अनुसार विक्रय होंगे।
ब्रेड, दूध जैसे पैकेट बंद पदार्थों पर मूल्य एवं पैकिंग की तिथि निर्धारित अधिसूचना के अनुसार होनी चाहिए।
प्रत्येक दुकानदार को बिक्री के लिए रखे गई खाद्य वस्तुओं की मूल्य सूची सहज दृश्य स्थल पर प्रदर्शित करना व इसके समस्त खरीद से सम्बन्धित बिल दुकानदार द्वारा रखना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता की मांग पर उन्हें कैश मेमो या बिल देना होगा।
करसोग में नगर पंचायत चुनावों के दृष्टिगत प्रथम चरण का अभ्यास कार्यक्रम आयोजित…
सोलन: नगर पंचायत करसोग में होने वाले चुनावों के दृष्टिगत
रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम करसोग गौरव महाजन की अध्यक्षता में प्रथम चरण की रिहर्सल आयोजित की गई। इस अवसर पर रिटर्निंग अधिकारी ने कहा कि स्वच्छ और पारदर्शी तरीके से चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करवाने के लिए सभी को एक टीम की तरह कार्य करना होगा। जिसके लिए आपसी सहयोग और तालमेल आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया संबंधी सभी कार्य हैंड बुक में दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार ही संपन्न किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि ईवीएम के परिवहन में केवल सरकारी वाहनों का ही प्रयोग और पुलिस सुरक्षा के साथ करना सुनिचित किया जाए। ईवीएम के परिवहन में प्राईवेट वाहनों का प्रयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करवाने वाले सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने अपने बूथ से संबंधित मतदाता सूची की जानकारी हासिल कर, वोट टर्न आउट पर फोकस करें ताकि वोट टर्न आउट को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के लिए मोबाइल फोन मतदान केंद्र में लाने की मनाही रहेगी। इसके अतिरिक्त, पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का कोई प्रचार प्रसार नहीं किया जा सकेगा।
प्रथम चरण के इस चुनावी अभ्यास में मास्टर ट्रेनर लोमेश्वर शर्मा और महेन्द्र कुमार ने सभी सेक्टर अधिकारियों, पीठासीन अधिकारियों सहित मतदान से संबंधित अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को मतदान प्रक्रिया संपन्न करवाने की जानकारी प्रदान की। जिसमें मुख्य रूप से पोलिंग बूथ स्थापित करना, ईवीएम की जानकारी, चुनाव संबंधी सामग्री, चुनाव प्रक्रिया में प्रयोग होने वाले विभिन्न प्रकार के फॉर्म, डिस्प्ले मैटीरियल, सुरक्षा व्यवस्था, पोलिंग एजेंट, मॉक पोल, टेंडर वोट, क्लोजर ऑफ ईवीएम, वोटर अकाउंट, ईवीएम के परिवहन आदि की जानकारी प्रदान की गई। चुनाव अभ्यास कार्यक्रम में मतदान से पहले की जाने वाली विभिन्न तैयारियों की जानकारी प्रदान की गई। प्रथम चरण के इस अभ्यास कार्यक्रम में सहायक रिटर्निंग अधिकारी एवं तहसीलदार पृथी चंद, नायब तहसीलदार राहुल शर्मा, नोडल अधिकारी पंकज गुप्ता सहित अन्य विभिन्न अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जलवायु परिवर्तन जनित आपदाओं एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न…
सोलन: डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में ‘जलवायु परिवर्तन जनित आपदाएँ एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियाँ’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। इसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी संगठनों एवं संबंधित अधिकारियों को शिक्षित करना तथा जलवायु सहनशीलता और आपदा जोखिम प्रबंधन के क्षेत्र में उनकी जानकारी एवं क्षमता को बढ़ाना था। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सात सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों एवं विद्वानों द्वारा चौदह व्याख्यान दिए गए। कार्यक्रम में कुल 51 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विद्वानों और नीति निर्माताओं के साथ सार्थक चर्चा की तथा पर्यावरण एवं जलवायु संबंधी समस्याओं के प्रबंधन और समाधान में आने वाली चुनौतियों को साझा किया।
उद्घाटन सत्र में पर्यावरण विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो सतीश कुमार भारद्वाज ने हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न प्रमुख खतरों और उनके शमन उपायों पर प्रकाश डाला। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी सोलन विजय सिंह ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी तथा प्रतिभागियों को संबंधित अधिनियमों एवं कानूनों के बारे में बताया। डॉ. प्रतिमा वैद्य ने पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जलवायु सहनशील सूखा शमन उपायों पर अपने विचार साझा किए। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग से डॉ. महेश शर्मा ने सतत पर्वतीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जलवायु सहनशील अवसंरचना तथा भूस्खलन एवं ढलान विफलता के शमन के माध्यम से आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीतियों पर चर्चा की। डॉ. घनश्याम अग्रवाल ने पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा संरक्षण हेतु जल निकासी प्रणालियों के एकीकृत डिजाइन पर व्याख्यान दिया। भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान की फेलो डॉ. आद्या दीक्षित ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए सतत विकास के मार्गों पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. गोपाल कृष्ण ने पर्वतीय जलस्रोतों के जलवायु सहनशील प्रबंधन पर व्याख्यान दिया। यूएचएफ नौणी के व्यवसाय प्रबंधन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. के.के. रैना ने जलवायु सहनशील समुदायों के निर्माण में व्यवहारिक परिवर्तन के महत्व पर जोर दिया। डॉ. पूर्णिमा मेहता ने प्रतिभागियों को मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान GRIHA (सतत भवन संहिता) की अवधारणा पर भी चर्चा की गई। इस समापन समारोह में वानिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सी.एल. ठाकुर मुख्य अतिथि रहे। अपने संबोधन में डॉ. ठाकुर ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभवों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने का आह्वान किया, ताकि एक जलवायु सहनशील समाज का निर्माण किया जा सके।
विकास खण्ड कण्डाघाट की ग्राम पंचायतों के मतदान केन्द्र प्रकाशित…
सोलन: ज़िला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा ने पंचायती राज संस्था निर्वाचन, 2026 के दृष्टिगत विकास खण्ड कण्डाघाट के मतदान केन्द्रों के लिए प्राप्त संशोधन के उपरांत आंशिक संशोधन कर मतदान केन्द्रों का प्रकाशन कर दिया है। मनमोहन शर्मा ने कहा कि विकास खण्ड कण्डाघाट की ग्राम पंचायत कनैर के वार्ड नम्बर 1 सेर तथा वार्ड नम्बर 2 रूगड़ा का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला रूगड़ा, वार्ड नम्बर 3 शरैर व वार्ड नम्बर 4 कनैर का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कनैरघाटी तथा वार्ड नम्बर 5 ललयाना का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला ललयाना निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत जधाणा के वार्ड नम्बर 1 शमोत का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला जोखाघाटी, वार्ड नम्बर 2 बनगढ़ व वार्ड नम्बर 4 चयावग का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बनगढ़, वार्ड नम्बर 3 कन्यारी व वार्ड नम्बर 5 भैंच का मतदान केन्द्र कुफ्टू निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत काहला के वार्ड नम्बर 1 बधावणी, वार्ड नम्बर 4 धड़ोई व वार्ड नम्बर 5 काहला का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला काहला, वार्ड नम्बर 2 दांवटी-1 व वार्ड नम्बर 3 दांवटी-2 का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला दांवटी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत सायरी के वार्ड नम्बर 1 लाडली, वार्ड नम्बर 2 सुनखी व वार्ड नम्बर 3 कोट का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सायरी, वार्ड नम्बर 4 नीऊं व वार्ड नम्बर 5 जेखड़ी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला जेखड़ी तथा वार्ड नम्बर 6 धरीन व वार्ड नम्बर 7 हामणी का मतदान केन्द्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला सेरीघाट निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत बाशा के वार्ड नम्बर 1 शुंगल व वार्ड नम्बर 2 सुरों के मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुम्हाला, वार्ड नम्बर 3 बाशा-1, वार्ड नम्बर 4 बाशा-2 तथा वार्ड नम्बर 5 बगेटू के मतदान केन्द्र राजकीय उच्च पाठशाला बाशा निर्धारित किए गए हैं। ग्राम पंचायत बीशा के वार्ड नम्बर 1 काथली, वार्ड नम्बर 2 बीशा-1, वार्ड नम्बर 3 बीशा-2, वार्ड नम्बर 4 बीशा-3 तथा वार्ड नम्बर 5 बीशा-4 का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बीशा निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत तुन्दल के वार्ड नम्बर 1 रूड़ा व वार्ड नम्बर 2 कलहोग का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कलहोग, वार्ड नम्बर 3 थाना, वार्ड नम्बर 4 तुन्दल तथा वार्ड नम्बर 5 बडून का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कलहोग निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत बांजणी के वार्ड नम्बर 1 शिलाई व वार्ड नम्बर 4 थरोला का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला शिलाई, वार्ड नम्बर 2 धरोटी व वार्ड नम्बर 3 बांजणी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बांजणी तथा वार्ड नम्बर 5 बीणू का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बीणू निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत हिन्नर के वार्ड नम्बर 1 हिन्नर का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला हिन्नर, वार्ड नम्बर 2 गौड़ा व वार्ड नम्बर 3 नावग का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गौड़ा तथा वार्ड नम्बर 4 टकरयाणा व वार्ड नम्बर 5 कुरगल का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कुरगल निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत ममलीग के वार्ड नम्बर 1 ढयावला व वार्ड नम्बर 2 बकेसू का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बशोल, वार्ड नम्बर 3 कायसू का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कायसू तथा वार्ड नम्बर 4 ममलीग व वार्ड नम्बर 5 शिवशंकरगढ़ का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ममलीग निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत देलगी के वार्ड नम्बर 1 रूग का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला देलगी, वार्ड नम्बर 2 कून का मतदान केन्द्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला कून तथा वार्ड नम्बर 3 खायरी, वार्ड नम्बर 4 भुम्बल व वार्ड नम्बर 5 रिहाना का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देलगी निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत पौधना के वार्ड नम्बर 1 पौधना का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला (छावशा) पौधना, वार्ड नम्बर 2 मालगा व वार्ड नम्बर 3 कांगटी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला मालगा तथा वार्ड नम्बर 4 पपलोल व वार्ड नम्बर 5 पलाह का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला पपलोह निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत कवारग के वार्ड नम्बर 1 शिचड़ा व वार्ड नम्बर 2 देहूं का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला शिचड़ा, वार्ड नम्बर 3 आंजी व वार्ड नम्बर 4 सिलहारी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला सिलहारी, वार्ड नम्बर 5 कोट, वार्ड नम्बर 6 कवारग तथा वार्ड नम्बर 7 क्यारी का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कवारग निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत मही के वार्ड नम्बर 1 घलाई का मतदान केन्द्र पंचायत घर मही, वार्ड नम्बर 2 मही व वार्ड नम्बर 3 कढार का मतदान केन्द्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला मही तथा वार्ड नम्बर 4 पलहेच व वार्ड नम्बर 5 हाथों का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला पलहेच निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत सिरीनगर के वार्ड नम्बर 1 दोलग, वार्ड नम्बर 2 जोखा, वार्ड नम्बर 3 धाली, वार्ड नम्बर 4 अड्डा तथा वार्ड नम्बर 5 सिरीनगर का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कण्डाघाट निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत झाझा के वार्ड नम्बर 1 झाजा व वार्ड नम्बर 4 पवाश का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला झाजा, वार्ड नम्बर 2 चौहड़ा-1 व वार्ड नम्बर 3 चौहड़ा-2 का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कनेवला तथा वार्ड नम्बर 5 काथला का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला काथला निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत चायल के वार्ड नम्बर 1 मिहानी, वार्ड नम्बर 2 चायल-1, वार्ड नम्बर 3 चायल-2, वार्ड नम्बर 4 चायल-3, वार्ड नम्बर 5 चायल-4 का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला चायल निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत नगाली के वार्ड नम्बर 1 टिक्कर व वार्ड नम्बर 2 जेठना का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला जेठना, वार्ड नम्बर 3 नगाली व वार्ड नम्बर 4 कानो का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला नगाली तथा वार्ड नम्बर 5 कनोड़ी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कनोड़ी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत धंगील के वार्ड नम्बर 1 धंगील का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला धंगील, वार्ड नम्बर 2 कड़ोग का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कड़ोग, वार्ड नम्बर 3 भुईरा का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला डोल का जुब्बड़ तथा वार्ड नम्बर 4 जखेड़ व वार्ड नम्बर 5 बनैहर का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बखोर निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत छावशा के वार्ड नम्बर 1 मझोल का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मझोल, वार्ड नम्बर 2 आंजी, वार्ड नम्बर 3 छावशा व वार्ड नम्बर 5 डयोन्डा का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छावशा, वार्ड नम्बर 4 पाडली का मतदान केन्द्र आंगनबाड़ी केन्द्र पाडली तथा वार्ड नम्बर 6 डुमैहर-1 व वार्ड नम्बर 7 डुमैहर-2 का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला डुमैहर निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत सतड़ोल के वार्ड नम्बर 1 कांशीपटा का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कांशीपटा, वार्ड नम्बर 2 सतड़ोल-1 व वार्ड नम्बर 3 सतड़ोल-11 का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला सतड़ोल तथा वार्ड नम्बर 4 ढबलोग व वार्ड नम्बर 5 पलास्टा पंजरोल का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला शलाह निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत सकोड़ी के वार्ड नम्बर 1 सकोड़ी व वार्ड नम्बर 2 डूनों का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठाशाला सकोड़ी तथा वार्ड नम्बर 3 सोनाखुर्द, वार्ड नम्बर 4 धरैयां व वार्ड नम्बर 5 निहारा का मतदान केन्द्र ग्राम पंचायत कार्यालय सकोड़ी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत सैंज के वार्ड नम्बर 1 क्यारटू का मतदान केन्द्र ग्राम पंचायत कार्यालय सैंज, वार्ड नम्बर 2 सैंज का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला कयारटू तथा वार्ड नम्बर 3 कोटला, वार्ड नम्बर 4 कोहारी तथा वार्ड नम्बर 5 कसौली का मतदान केन्द्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला क्यारटू निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत रहेड के वार्ड नम्बर 1 रहेड का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला रहेड, वार्ड नम्बर 2 रहेड-1 का मतदान केन्द्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला संवागांव, वार्ड नम्बर 3 रहेड-11 व वार्ड नम्बर 4 टणाजी का मतदान केन्द्र राजकीय उच्च पाठशाला टिक्करी तथा वार्ड नम्बर 5 टिक्करी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला टिक्करी निर्धारित किया गया है। ग्राम पंचायत कोट के वार्ड नम्बर 1 कदौर, वार्ड नम्बर 3 बड़ेवला व वार्ड नम्बर 4 कोट का मतदान केन्द्र राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कदौर, वार्ड नम्बर 2 लछोग का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला लछोग तथा वार्ड नम्बर 5 बोधन का मतदान केन्द्र पंचायत घर कार्यालय कोट निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत वाकना के वार्ड नम्बर 1 वाकना-1 व वार्ड नम्बर 2 वाकना-2 का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला वाकनाघाट, वार्ड नम्बर 3 वाकना-3, वार्ड नम्बर 4 रिछाणा-1 व वार्ड नम्बर 5 रिछाणा-2 का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला वाकना, वार्ड नम्बर 6 आंजी सुनारा व वार्ड नम्बर 8 कशमाड़ी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला डुमैहर तथा वार्ड नम्बर 7 गरू का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला गरू तथा वार्ड नम्बर 9 कटोह का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला वाकनाघाट निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत बशील के वार्ड नम्बर 1 नेरी-1, वार्ड नम्बर 2 नेरी-2 का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बशील तथा वार्ड नम्बर 3 जखड़ीयू, वार्ड नम्बर 4 बशील तथा वार्ड नम्बर 5 थान का मतदान केन्द्र राजकीय माध्यमिक पाठशाला बशील निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत घाट कुम्हाला के वार्ड नम्बर 1 बन्दराओ, वार्ड नम्बर 2 कुम्हाली तथा वार्ड नम्बर 3 घाट कुम्हाला का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला शारड़ाघाट तथा वार्ड नम्बर 4 चकनाहट व वार्ड नम्बर 5 बांजणी का मतदान केन्द्र राजकीय प्राथमिक पाठशाला बांजणी निर्धारित किया गया है।
शारीरिक संबंध बनाओ तब मिलेगा पद’ यूपी में महोबा के बीजेपी जिलाध्यक्ष पर महिला के सनसनीखेज आरोप
नेशनल डेस्क: यूपी के महोबा जिले में सत्ताधारी दल बीजेपी के भीतर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए. दीपाली का दावा है कि जिला उपाध्यक्ष पद के बदले उन पर हम बिस्तर होने का अनैतिक दबाव बनाया गया. वहीं जिला अध्यक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि धूमिल करने की साजिश बताया है. मामले में दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी है. दरअसल महोबा में भारतीय जनता पार्टी के भीतर मची रार अब सड़कों और सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है. नई जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष की सुगबुगाहट थी, लेकिन पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी के फेसबुक लाइव ने इस सुगबुगाहट को एक बड़े सियासी तूफान में बदल दिया है. दीपाली तिवारी ने सीधे तौर पर जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर पद के बदले हमबिस्तर होने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। दीपाली का कहना है कि जब उन्होंने जिला उपाध्यक्ष पद के लिए बात की, तो जिला अध्यक्ष ने उनके सामने ऐसी शर्त रखी जिसे सुनकर वह दंग रह गईं. आरोप है कि जिला अध्यक्ष ने उन्हें दिल्ली और लखनऊ साथ चलने का प्रस्ताव दिया और बात न मानने पर पद से हटाने या पार्टी से बाहर करने की धमकी दी. बात यहीं खत्म नहीं होती. दीपाली ने आरोप लगाया कि पार्टी के दो अन्य बड़े पदाधिकारी जिला महामंत्री और जिला उपाध्यक्ष भी उन पर जिला अध्यक्ष की बात मानने का दबाव बना रहे थे. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि वह वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित थीं, लेकिन जब उनके पति को दुष्कर्म के झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी दी गई, तब उनका सब्र टूट गया और उन्हें फेसबुक लाइव के जरिए अपनी व्यथा जनता के सामने रखनी पड़ी. इसको लेकर दीपाली तिवारी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले से संबंधित प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को सौंपा है। शिकायत में उन्होंने कहा कि मोहनलाल कुशवाहा ने मेरे साथ गलत व्यवहार किया. उन्होंने मेरे साथ हम बिस्तर होने की डिमांड की थी. मेरे मना करने पर मुझे धमकाया गया इसलिए पूरे मामले की शिकायत करने एसपी की चौखट पर आई हूं.
जिला अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर इन आरोपों के बाद भाजपा जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा बचाव की मुद्रा में हैं. उन्होंने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत करार दिया है. मोहनलाल कुशवाहा का कहना है कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे इन आरोपों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है और यह केवल उनकी छवि खराब करने की कोशिश है. उन्होंने इन आरोपों की घोर निंदा करते हुए इनका खंडन किया है. आपको बता दें कि दीपाली तिवारी पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं, लेकिन उनके द्वारा लगाए गए इन संगीन आरोपों ने महोबा की राजनीति में भूचाल ला दिया है. जहां भाजपा के भीतर अंतर्कलह चरम पर है. वहीं विपक्ष को भी सत्ता पक्ष को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है. अब देखना यह होगा कि पार्टी हाईकमान इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
हिमाचल पंचायत चुनाव: आज बजेगा बिगुल, राज्य निर्वाचन आयोग ने बुलाई प्रेस वार्ता…
शिमला: हिमाचल प्रदेश पंचायत चुनाव का आज एलान हो जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने दोपहर बाद 3 बजकर 40 मिनट पर प्रेस वार्ता बुलाई है। हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे। घोषणा होते ही आचार संहिता लग जाएगी। आचार संहिता लगने के बाद सरकार कोई भी नई घोषणा, नई भर्ती, नए टेंडर, ट्रांस, प्रमोशन, उद्घाटन-शिलान्यास इत्यादि नहीं कर पाएगी। प्रदेश की पंचायतों में करीब 51 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 85 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 50 हजार मतदाता भी शामिल हैं, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल पंचायत चुनाव 31 मई से पहले करवाने के आदेश दे रखे हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने में जुटा हुआ है। इससे पहले शहरी निकाय चुनाव की घोषणा बीते सप्ताह कर दी गई है। 51 निकायों में 17 मई और 2 जगह 22 मई को मतदान होना है। आदर्श आचार संहिता राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए निर्धारित किए गए मानकों का एक ऐसा समूह है जिसे राजनैतिक दलों की सहमति से तैयार किया गया है। आदर्श आचार संहिता में चुनाव आयोग की भूमिका अहम होती है। संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन संसद और राज्य विधानमंडलों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों का आयोजन चुनाव आयोग का सांविधानिक कर्तव्य है।
Bharat Kapoor Death: थिएटर से फिल्मों तक चमका सफर, कभी बने इंस्पेक्टर तो कभी खौफनाक विलेन
Bharat Kapoor Passed Away: हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर में कई ऐसे कलाकार रहे जिन्होंने बिना मुख्य अभिनेता बने भी अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। उन्हीं नामों में एक थे भरत कपूर, जिन्होंने 70, 80 और 90 के दशक की फिल्मों में अपने अभिनय से खास पहचान बनाई। अब भरत कपूर इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। 80 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है और फैंस उन्हें याद कर रहे हैं।भरत कपूर उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने हर किरदार को अपनी मेहनत और अदाकारी से जीवंत बना दिया। चाहे पर्दे पर पुलिस अधिकारी का किरदार हो, एक चालाक खलनायक की भूमिका हो या गंभीर चरित्र अभिनेता का रोल, उन्होंने हर अंदाज में दर्शकों का दिल जीता। भरत कपूर का फिल्मी सफर सीधे बड़े पर्दे से नहीं बल्कि थिएटर से शुरू हुआ था। वह रंगमंच पर सक्रिय थे और अपने अभिनय से लोगों को प्रभावित कर रहे थे। इसी दौरान मशहूर फिल्मकार चेतन आनंद की नजर उन पर पड़ी। कहा जाता है कि एक नाटक में भरत कपूर की परफॉर्मेंस देखकर चेतन आनंद इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने उन्हें फिल्मों में मौका देने का फैसला कर लिया। इसके बाद भरत कपूर को चेतन आनंद की फिल्मों में काम मिला और यहीं से उनके सिने करियर की शुरुआत हुई। शुरुआती दौर में उन्होंने छोटे लेकिन असरदार किरदार निभाए और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ली।
हीरो बने, लेकिन किस्मत ने मोड़ लिया
भरत कपूर ने अपने करियर में मुख्य अभिनेता बनने की भी कोशिश की। उन्हें कुछ फिल्मों में लीड रोल निभाने का मौका मिला। एक फिल्म में उन्होंने ऐसे किरदार को निभाया जो उस दौर के हिसाब से काफी अलग विषय पर आधारित था। हालांकि बतौर हीरो उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। लेकिन भरत कपूर ने हार नहीं मानी। उन्होंने समझ लिया कि उनकी असली ताकत विविध किरदार निभाने में है और फिर उन्होंने खुद को चरित्र भूमिकाओं की ओर मोड़ लिया।
विलेन बनकर मिली असली पहचान
भरत कपूर को सबसे ज्यादा लोकप्रियता नकारात्मक किरदारों से मिली। उनके चेहरे के भाव, आवाज़ और स्क्रीन प्रजेंस ने उन्हें एक मजबूत खलनायक बना दिया। उन्होंने कई फिल्मों में ऐसे विलेन की भूमिका निभाई जिन्हें देखकर दर्शक किरदार से नफरत करने लगते थे, और यही किसी कलाकार की सबसे बड़ी जीत होती है। फिल्म नूरी में निभाया गया उनका किरदार काफी चर्चित रहा। इसके अलावा उन्होंने कई हिट फिल्मों में खलनायक या प्रभावशाली सहायक कलाकार के रूप में शानदार काम किया।
इंस्पेक्टर से लेकर गंभीर किरदार तक
भरत कपूर केवल विलेन तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने कई फिल्मों में पुलिस इंस्पेक्टर, ईमानदार अधिकारी और समाज के जिम्मेदार व्यक्ति जैसे रोल भी निभाए। यही उनकी खासियत थी कि वे हर तरह के पात्र में फिट बैठते थे। उनकी अदाकारी में एक सादगी और सहजता थी, जो किरदार को वास्तविक बना देती थी। इसी वजह से दर्शक उन्हें नोटिस करते थे, भले ही स्क्रीन टाइम कम क्यों न हो।
टीवी की दुनिया में भी छोड़ी छाप
जब फिल्मों के साथ टेलीविजन का दौर शुरू हुआ तो भरत कपूर ने छोटे पर्दे पर भी खुद को साबित किया। उन्होंने कई लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया और घर-घर पहचान बनाई। परिवार आधारित सीरियल से लेकर फैंटेसी शो तक, हर जगह उनका अभिनय सराहा गया।
चार दशक लंबा शानदार सफर
भरत कपूर का करियर करीब चार दशकों तक फैला रहा। उन्होंने साबित किया कि स्टारडम सिर्फ मुख्य अभिनेता बनने से नहीं मिलता, बल्कि अभिनय की ताकत से भी मिलता है। आज उनके जाने से इंडस्ट्री ने एक अनुभवी और समर्पित कलाकार खो दिया है। भरत कपूर भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार हमेशा सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा रहेंगे।
भयंकर गर्मी में भी ठंडे रहते हैं हाथ-पैर? हो सकती हैं ये बीमारियां, तुरंत जान लें संकेत
कुछ लोगों को हाथ-पैर के ठंडा रहने या फिर सुन्न रहने की समस्या का सामना करना पड़ता है। यह शरीर के भीतर होने वाला सामान्य परिवर्तन नहीं, बल्कि शरीर की आंतरिक कमजोरी का संकेत है। इसे नजरअंदाज करना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। गर्मियों में यह दिक्कत ज्यादा बढ़ जाती है, क्योंकि बाहर का वातावरण और शरीर का तापमान तो गर्म रहता है, लेकिन हाथ और पैर बर्फ जैसे ठंडे हो जाते हैं। यह छोटा सा लक्षण शरीर की कमजोरी और रक्त संचार के बेहतर न होने का इशारा है। जब शरीर में रक्त का संचार ठीक तरीके से नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से हाथ और पैर तक रक्त नहीं पहुंच पाता और हाथ और पैर ठंडे रहते हैं। रक्त का संचार शरीर में गर्मी पैदा करता है और तापमान को भी बेहतर बनाए रखता है। खराब पाचन भी उसके पीछे की बड़ी वजह है। शरीर में खराब पाचन की वजह से शरीर को पूरी तरह से ऊर्जा नहीं मिल पाती है और उसका सीधा असर हाथ और पैर पर देखने को मिलता है।
तनाव और कमजोरी
तनाव और कमजोरी दोनों शरीर के संतुलन और पाचन को बिगाड़ देते हैं और यही कारण है कि हाथ और पैरों तक पहुंचने वाला रक्त सही तरीके से नसों में प्रभावित नहीं हो पाता. अगर लंबे समय तक हाथ-पैर ऐसे ही ठंडे बने रहते हैं, तो इससे नसों के सिकुड़ने की बीमारी हो सकती है, जिसे मेडिकल की भाषा में रेनॉड्स रोग कहा जाता है. इस बीमारी में रक्त को संचार में मदद करने वाली नसें सिकुड़ जाती हैं और रक्त का प्रवाह बाधित होता है. इससे हाथ और पैरों में दर्द होने लगता है और वैरिकोज नसों की परेशानी भी हो सकती है.
क्या करें
इसके लिए कई तरह की सावधानियां बरतनी जरूरी है. इसके लिए जितना हो सके, सैर करें. इससे पैरों की तरह रक्त का संचार अच्छा बना रहेगा और पैरों में गर्मी बनी रहेगी. अगर हाथ और पैर ठंडे महसूस होते हैं तो गर्मियों में तेल से मालिश करें और सूती कपड़े में पैरों को लपेटकर गर्म करने की कोशिश करें. इससे रक्त का संचार बढ़ेगा. शरीर में आयरन और विटामिन की कमी के कारण भी हाथ और पैर ठंडे होने की परेशानी हो सकती है. इसलिए पौष्टिक आहार लें और आयरन और विटामिन से भरपूर चीजों का सेवन करें।
NIT में आत्महत्याओं पर महिला आयोग सख्त, टीम करेगी दौरा
कुरुक्षेत्र: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) में पिछले 60 दिन में तीन छात्र और एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या के मामलों के बाद हरियाणा महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। महिला आयोग की चार सदस्यीय टीम मंगलवार को एनआइटी परिसर का दौरा करेगी। टीम का नेतृत्व आयोग की अध्यक्षा रेणू भाटिया करेंगी, जो महिला छात्रावासों का निरीक्षण करने के साथ-साथ अधिकारियों से बातचीत भी करेंगी। आयोग ने एनआइटी प्रशासन को इस दौरे की सूचना दे दी है, जिसके बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। हालांकि, वर्तमान में एनआइटी के छात्रावास खाली पड़े हैं, क्योंकि विद्यार्थियों की छुट्टियां चल रही हैं। उल्लेखनीय है कि 16 अप्रैल को छात्रा दीक्षा दूबे ने छात्रावास के कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके अगले दिन, 17 अप्रैल की रात को एक अन्य छात्रा ने तनाव के चलते छात्रावास की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाने का प्रयास किया, जिसे अन्य छात्राओं ने बचा लिया। इससे पहले, एक छात्र ने 8 अप्रैल को और एक अन्य छात्र ने 31 मार्च को आत्महत्या की थी। विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद एनआइटी प्रशासन ने 17 अप्रैल से छुट्टियों की घोषणा की और 18 अप्रैल को छात्रावास खाली करने का नोटिस जारी किया। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की टीम के बाद हरियाणा महिला आयोग की टीम एनआइटी पहुंचेगी।