हिमाचल में क्रिसमस पर बर्फबारी के आसार, 20 व 21 को सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ

शिमला: हिमाचल प्रदेश में क्रिसमस और नए साल के जश्न की उम्मीद में सैलानी पहुंचते हैं. देशभर के विभिन्न राज्यों से हिमाचल घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों का स्वागत क्रिसमस से ठीक पहले बर्फबारी से हो सकता है. प्रदेश में 20 और 21 दिसंबर को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम करवट लेने जा रहा है. खास तौर पर प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर क्रिसमस से पहले बर्फ गिरने के आसार जताए जा रहे हैं. ऐसे में क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए मौसम ये बड़ी खुशखबरी दे सकता है. हालांकि कोविड 19 के बाद से हिमाचल का पर्यटन क्षेत्र पटरी पर नहीं लौट पाया है. भले ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों वीकेंड पर जरूर भीड़ जुटती है लेकिन पर्यटन सीज़न से जो उम्मीद रहती है वह पूरी नहीं हुई है.

HPTDC होटलों में बुकिंग की धीमी रफ्तार

वैसे अभी तक हिमाचल पर्यटन विकास निगम के होटलों में एडवांस बुकिंग की बात करें तो 21 फीसदी होटल बुक हो पाएं हैं. हिमाचल पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के प्रबंधक अनिल तनेजा का कहना है कि सिर्फ़ 31 दिसंबर की रात के लिए अभी तक 40 फ़ीसदी के करीब एडवांस बुकिंग हुई है. पिछले साल भी 31 दिसंबर की रात 50 फीसदी ही होटल बुक हो पाएं थे. इससे पहले ये पूरी तरह बुक रहते थे.

होटल एसोसिएशन को हिमपात का इंतजार

होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी राजीव सूद ने बताया कि हालांकि हिमाचल में छुटपुट पर्यटकों ने रुख करना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी भी पर्यटकों को हिमपात का इंतजार है. अभी तक जिस पर्यटन सीज़न का इंतजार है वह पूरा नहीं हो पाया है. उनका कहना है कि अवैध रूप से भी कई होम स्टे चल रहे हैं सस्ते के चक्कर में पर्यटक वहीं जाना पसंद करते हैं. होटल व्यवसाय की स्थिति अच्छी नहीं है. निजी होटलों में भी कम ही बुकिंग हुई है. हां यदि बर्फबारी होती है तो पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद हैं. इस सबके बाबजूद वीकेंड पर जरूर हिमाचल के पर्यटक स्थलों में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है. सड़कों में जाम लग रहा है. 

भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला सोलन की विशेष बैठक हुई आयोजित…

सोलन: आज भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला सोलन की एक विशेष बैठक का आयोजन जिला अध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर सन्नी की अध्यक्षता में भारतीय जनता पार्टी कार्यालय सोलन में किया गया। जिसमें मुख्य रूप से महामंत्री संगठन सिद्धार्थन उपस्थित रहे। साथ में भारतीय जनता पार्टी जिला सोलन के अध्यक्ष रतन सिंह पाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मिधर सूद, शिमला संसदीय क्षेत्र के संगठन मंत्री अक्षय भरमोरी, डिप्टी मेयर नगर निगम सोलन मीरा आनंद वह भारतीय जनता पार्टी शहरी मंडल स्थानीय मंडल शैलेंद्र गुप्ता और जिला महा मंत्री युवा मोर्चा सोलन हेमराज ठाकुर और नरेंद्र चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं इस बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी जिला से प्रदेश के पदाधिकारी वह मंडलों के अध्यक्ष व उनके पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस मौके पर महामंत्री संगठन सिद्धार्थन ने सगंठन में युवाओं की भागीदारी के बारे में बताया वह युवाओं को किस तरह अपने साथ लोगों को जोड़ना है और किस तरह आचरण व व्यवहार के साथ युवा मोर्चा के साथियों को आगे बढ़ाना है इस विषय में मार्गदर्शन किया व भारतीय जनता पार्टी के विचारों को साझा किया और नवनियुक्त कार्यकारिणियों को भी बधाई दी। उन्होंने आगे अधिक जोश से कार्य करने के लिए मार्गदर्शन दिया। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष रतनपाल ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यों का उल्लेख किया व युवाओं का मार्गदर्शन किया। जिला अध्यक्ष भूपेंद्र ठाकुर ने भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला सोलन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जो भी कार्य युवा मोर्चा को देगी उसे वह बहुत अच्छे तरीके से पूरा करेंगे और उन्होंने विश्वास दिलाया कि भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला सोलन पूरे प्रदेश भर में सबसे ऊपर रहेगा और हमारे युवा मोर्चा के सभी मंडल प्रदेश भर में हर कार्य में सबसे आगे रहेंगे।

हिमाचल प्रदेश राज्य ओपन स्कूल का लक्कड़ बाज़ार स्टडी सेंटर तत्काल प्रभाव से बंद, जानिए क्या है पूरा मामला ?

शिमला : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ने राजधानी शिमला के लक्कड़ बाज़ार स्थित हिमाचल प्रदेश स्टेट ओपन स्कूल (HPSOS) स्टडी सेंटर को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। यह स्टडी सेंटर राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (GGSSS) लक्‍कर बाज़ार, शिमला में संचालित हो रहा था। बोर्ड सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा, बताया कि यह निर्णय GGSSS लक्कड़ बाजार, शिमला के समन्वयक-सह-प्रधानाचार्य द्वारा स्कूल में “प्रचलित स्थिति” की रिपोर्ट के बाद लिया गया है।। उन्होंने स्पष्ट किया गया है कि इस स्टडी सेंटर के माध्यम से आगामी सत्र के लिए जिन भी विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है, उन्हें नज़दीकी सक्रिय एवं मान्यता प्राप्त HPSOS स्टडी सेंटर में स्थानांतरित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि स्टडी सेंटर परिवर्तन से संबंधित जो भी शुल्क देय होगा, वह GGSSS लक्‍कर बाज़ार, शिमला द्वारा वहन किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का आर्थिक बोझ न पड़े। साथ ही संबंधित स्कूल को आदेश दिए गए हैं कि HPSOS से जुड़ा समस्त अभिलेख, जैसे उम्मीदवारों के सपोर्टिंग एडमिशन फॉर्म (SAFs), अन्य दस्तावेज, प्रवेश-वापसी रजिस्टर, फीस रिकॉर्ड आदिभविष्य के संदर्भ के लिए उचित रूप से बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। स्कूल को इस संबंध में तत्काल प्रभाव से एक लिखित घोषणा सचिव के कार्यालय में जमा करनी होगी।

धगेड़ा खंड में 12540 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक, 98 बूथों पर होगी व्यवस्था

नाहन : जिला सिरमौर में 21 से 23 दिसंबर , 2025 तक आयोजित होने वाले पल्स पोलियो प्रतिरक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए चिकित्सा खंड धगेडा की खंड स्तरीय कार्य बल की बैठक आज उपमंडल अधिकारी नाहन राजीव सांख्यान की अध्यक्षता में उपमंडल कार्यालय सभागार नाहन में आयोजित हुई। उपमंडलाधिकारी ने पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम सम्बंधी की जाने वाली पूर्व तैयारियों के बारे में विभागीय अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने शिक्षा विभाग को कहा कि पल्स पोलियो अभियान बारे स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान जानकारी प्रदान की जाए ताकि बच्चों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके। उन्होंने उद्योग विभाग को जिला के उद्योगों में कार्य कर रहे मजदूरों के 5 साल तक के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने के लिए जागरूक करने के लिए कहा ताकि कोई भी शिशु पल्स पोलियो की खुराक से वंचित न रह सके। उन्होंने पंचायतो तथा आंगनवाडी केंद्रों के माध्यम से संबंधित विभागों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। बैठक में खण्ड चिकित्सा अधिकारी धगेड़ा डॉ- मोनिषा अग्रवाल ने अवगत कराया कि धगेडा खंड में 0 से 5 वर्ष के लगभग 12540 बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक 98 बूथों पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीमों द्वारा पिलाई जाएगी।

डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पोलियो एक संक्रामक रोग है यह मुख्य रूप से 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। उन्होंने ओरल पोलियो वैक्सीन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मौखिक रूप से पिलाई जाने वाली दवा पोलियो वायरस को निकाल देती है जिससे बच्चे के साथ-साथ आस-पास रहने वाले लोगों को भी सुरक्षा प्रदान करती है जबकि टीकाकरण के माध्यम से दी जाने वाली पोलियो दवा केवल बच्चे को ही सुरक्षा प्रदान करती है। उन्होंने आग्रह किया कि 0-5 वर्ष के सभी बच्चों को इस दिन पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं ताकि बच्चों की सुरक्षा के साथ ही सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। इस बैठक में उप निदेशक उच्च शिक्षा हिमेन्द्र चन्द, उप निदेशक प्रारंभिक राजीव कुमार, बाल विकास अधिकारी इशाक मोहम्मद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

नौणी विश्वविद्यालय को वेटरन्स इंडिया प्राइड ऑफ नेशन अवॉर्ड 2025 से नवाजा गया

सोलन: जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान की भावना को चरितार्थ करते हुए डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। देशभक्ति, नेतृत्व, सामुदायिक सेवा और मूल्य आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय को प्रतिष्ठित वेटरन्स इंडिया प्राइड ऑफ नेशन अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामयी समारोह में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विश्वविद्यालय की ओर से विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. इंदर देव ने यह सम्मान प्राप्त किया। इस पुरस्कार के लिए विश्वविद्यालय का चयन विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित सदस्यों वाले पांच सदस्यीय पैनल की अनुशंसा पर किया गया। विश्वविद्यालय की इस सफलता पर कुलपति प्रो. राजेश्वर सिंह चंदेल ने जूरी और वेटरन्स इंडिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विश्वविद्यालय प्रशासन रक्षा समुदाय के साथ मजबूत संबंध स्थापित करने और पूर्व सैनिकों को सम्मान देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रो. चंदेल ने बताया कि छात्रों को प्रेरित करने के लिए समय-समय पर रक्षा कर्मियों द्वारा विशेष व्याख्यान और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके अलावा, सशस्त्र बलों में अपनी सेवाएं दे चुके विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र भी वर्तमान छात्रों को रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं, जिससे युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना और सुदृढ़ हो रही है। इस भव्य सम्मान समारोह में वेटरन्स इंडिया के राष्ट्रीय पदाधिकारियों सहित देश के कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में एनएएसी (NAAC) के अध्यक्ष प्रो. अनिल सहस्रबुद्धे, एआईसीटीई (AICTE) के अध्यक्ष प्रो. टी. जी. सीताराम, एआईयू (AIU) के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पाठक, ईपीएसआई (EPSI) के अध्यक्ष डॉ. एम. आर. जयराम, केरल उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश पी. एन. रवींद्रन और लेफ्टिनेंट जनरल जी. डी. बख्शी (सेवानिवृत्त) विशेष रूप से उपस्थित थे। गौरतलब है कि वर्ष 2015 में स्थापित वेटरन्स इंडिया आज 3.8 मिलियन से अधिक सदस्यों के साथ देश के सबसे बड़े देशभक्ति मंचों में से एक है, जो भारत को विश्वगुरु के रूप में पुनः स्थापित करने और सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध है।

शूलिनी बिजनेस स्कूल ने लहराया परचम, उभरते निजी बी-स्कूलों में मिला 11वां स्थान

सोलन: शूलिनी विश्वविद्यालय के शूलिनी बिजनेस स्कूल ने देश की प्रतिष्ठित बिजनेस टुडे सर्वश्रेष्ठ बी-स्कूल रैंकिंग 2025 में अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता का लोहा मनवाया है। इंडिया टुडे ग्रुप द्वारा एमडीआरए के सहयोग से आयोजित इस अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और विश्वसनीय मूल्यांकन में, शूलिनी बिजनेस स्कूल ने भारत के उभरते निजी बिजनेस स्कूलों की श्रेणी में 11वां स्थान हासिल किया है। यह रैंकिंग पिछले 25 वर्षों से देश में प्रबंधन संस्थानों के सबसे कठोर और व्यवस्थित मूल्यांकनों में से एक मानी जाती है, जो संस्थान की तीव्र प्रगति और उद्योग-उन्मुख शिक्षण पद्धति की पुष्टि करती है। विस्तृत रैंकिंग पर नजर डालें तो शूलिनी बिजनेस स्कूल ने उत्तर क्षेत्र में 24वां, निजी बिजनेस स्कूलों की श्रेणी में 57वां और राष्ट्रीय स्तर पर ओवरऑल 82वां स्थान प्राप्त कर अपनी साख मजबूत की है। इस उपलब्धि के पीछे प्रबंधन विज्ञान संकाय (एफएमएस) के सदस्यों की अथक मेहनत, प्लेसमेंट कार्यालय की सक्रियता और छात्र कल्याण विभाग के निरंतर प्रयास शामिल हैं। साथ ही, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अतुल खोसला और अध्यक्ष अवनी खोसला के रणनीतिक मार्गदर्शन ने संस्थान को परिणाम-आधारित शिक्षा और अनुभवात्मक लर्निंग में अग्रणी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए शूलिनी विश्वविद्यालय के प्रबंधन विज्ञान संकाय के अध्यक्ष और डीन, प्रोफेसर मुनीश शेहरावत ने कहा कि यह सफलता संकाय सदस्यों और विभिन्न विभागों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि इसका वास्तविक श्रेय उन विद्यार्थियों को जाता है, जिनमें से कई भारत के छोटे शहरों से आते हैं लेकिन अपनी प्रतिभा के दम पर आज वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि शूलिनी के पूर्व छात्र आज दुबई से लेकर डेनमार्क तक दुनिया के विभिन्न कोनों में अपने कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने नादौन-हमीरपुर-घुमारवीं-दिल्ली वॉल्वो बस सेवा का शुभारंभ किया…

हमीरपुर: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज हमीरपुर में आयोजित चिट्टा विरोधी मेगा वॉकथॉन के उपरांत हिमाचल पथ परिवहन निगम की नादौन-हमीरपुर-घुमारवीं-दिल्ली वॉल्वो बस सेवा का शुभारंभ किया। यह बस रोजाना सुबह 7 बजे नादौन से चलेगी। इसका हमीरपुर से चलने का समय 8 बजे, घुमारवीं से 9 बजे और चंडीगढ़ से 11ः40 होगा तथा यह शाम को 4ः40 पर दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में यह बस दिल्ली से सुबह 8ः30 बजे चलेगी और शाम को 6ः30 बजे नादौन पहुंचेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और जन सुलभ बनाने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा शुल्क का भुगतान अब यूपीआई, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से संभव है। हिमाचल पथ परिवहन निगम देश का ऐसा पहला राज्य परिवहन उपक्रम बन गया है जिसने नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड सुविधा आरंभ की है। इस कार्ड से दिल्ली मेट्रो, दिल्ली परिवहन निगम, हरियाणा रोडवेज तथा पश्चिम मुंबई की बसों सहित पूरे देश में यात्रा की जा सकेगी। रियायती और मुफ्त यात्रा के लिए हिम बस कार्ड, हिम बस प्लस कार्ड और ग्रीन कार्ड जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं। परिवहन निगम के बेड़े में 297 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा रही हैं। 25 स्टेट ऑफ द आर्ट वॉल्वो बसों को परिवहन बेड़े में शामिल करने से निगम में वॉल्वो बसों की संख्या बढ़कर 98 हो गई है। 50 टेंपो ट्रैवलर और 24 सुपर लग़जरी बसें भी खरीदी गई हैं। 250 डीजल बसें, 100 मिनी बसें और चार क्रेनों की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 234 नए बस रूट जारी किए जा रहे हैं तथा 18 सीटर तक के टेंपो ट्रैवलर वाहनों के संचालन के लिए 350 नए परमिट आवंटन की प्रक्रिया जारी है। ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हरित परिवहन को प्रोत्साहन देने के लिए छह ग्रीन कॉरिडोर पर 88 पेट्रोल पंप और 41 स्थलों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त राज्य के विश्राम गृह और सरकारी कार्यालयों सहित विभिन्न स्थानों पर 310 चार्जिंग स्टेट स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी के आधार पर 41 अन्य स्थलों पर भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।

भुवनेश्वर में हुई हिमाचल के टूरिज्म पर चर्चा, हिमाचली नाटी ने मोहा मन…

लाइव हिमाचल/सोलन : उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित दूसरे इंटरनेशनल यूथ कॉनक्लेव फॉर टूरिज्म डेवलपमेंट में सोलन के पांच सदस्य भाग ले रहे हैं। इसमें सोलन कॉलेज की दो छात्रा रीतिका ठाकुर और शगुन और धर्मपुर कॉलेज के पूर्व छात्र नवीन शर्मा और नीतिश भट्टी नेशनल यूथ प्रोजेक्ट हिमाचल के कोर्डिनेटर यशपाल कपूर के नेतृत्व में भाग ले रहे हैं। यशपाल कपूर ने बताया कि ये कॉन्क्लेव 14से 16 दिसम्बर तक चला। इसमें हिमाचल प्रदेश की संस्कृति और टूरिज्म पर भी विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही स्मार्ट टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, यूथ टूरिज्म पर भी चर्चा होगी। साथ ही देश विदेश से आए मेंबर्स को हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से भी हिमाचल की समृद्ध संस्कृति के दर्शन भी करवाए जाएंगे।

तीन दिवसीय इस इंटरनेशनल यूथ कॉनक्लेव का आयोजन प्रोजेक्ट पॉइंट्स उड़ीसा और विश्व युवा दिल्ली नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने इको टूरिज्म और टूरिज्म स्पिरिचुअल, विलेज टूरिज्म समेत पर्यटन के विभिन्न पहलू पर चर्चा की और युवाओं की इस में क्या भूमिका हो सकती है। इस बात पर विशेष बल दिया गया।

हिमाचल में तूड़ी 300 रुपये प्रति क्विंटल महंगी, अब दाम 600 की जगह 900 रुपये प्रति क्विंटल

शिमला: हिमाचल प्रदेश में पशुपालकों के लिए जरूरी पशु चारा तूड़ी लगातार महंगी होती जा रही है। बीते दो महीनों में तूड़ी के दामों में करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल का उछाल दर्ज किया गया है। दो महीने पहले तूड़ी 600 रुपये प्रति क्विंटल मिल रही थी, वहीं अब इसके दाम 900 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुके हैं। ऊपर से परिवहन भाड़ा और मजदूरी का खर्च अलग से देना पड़ रहा है, जिससे पशुपालकों की आर्थिक मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हिमाचल में गेहूं की कटाई आमतौर पर अप्रैल–मई माह में होती है, इस दौरान तूड़ी उपलब्ध होती है। अभी कटाई का समय दूर है, ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में तूड़ी के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है। तूड़ी के महंगे होने का सबसे बड़ा कारण गेहूं कटाई के दौरान मजदूरी दरों में तेज बढ़ोतरी बताया जा रहा है। किसानों के अनुसार हाथ से कटाई कराने पर मजदूर मनमाने रेट मांगते हैं। मजबूरी में किसान कंबाइन मशीन से कटाई करवा रहे हैं, जिसमें केवल गेहूं की बालियां कटती हैं और तूड़ी तैयार नहीं हो पाती। खेतों में बचा निचला हिस्सा कई बार जलाना पड़ता है, जिससे तूड़ी का उत्पादन काफी घट गया है। हिमाचल में तूड़ी की पैदावार सीमित होने के कारण किसानों और पशुपालकों को पंजाब पर निर्भर रहना पड़ता है। साल के अंतिम महीनों तक अधिकांश पशुपालकों के घरों में तूड़ी खत्म हो जाती है और उन्हें बाजार से महंगे दामों पर तूड़ी खरीदनी पड़ती है। पंजाब से टेंपो, ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों में तूड़ी लाकर घर-घर बेची जाती है। पंजाब के तूड़ी विक्रेताओं के अनुसार कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और चंबा जिलों में रोजाना सैकड़ों ट्रक और टेंपो से करीब 25 से 30 हजार क्विंटल तूड़ी हिमाचल भेजी जा रही है। मांग ज्यादा होने से कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। तूड़ी के बढ़ते दामों से खासकर दूध उत्पादन पर निर्भर पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालन विभाग चुरूडू के अधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि तूड़ी की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रशासन गंभीर है। पशुपालकों को वैकल्पिक चारे में हरा चारा, साइलेज और पशु आहार योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। यदि तूड़ी की कीमतें असामान्य रूप से बढ़ती हैं और क्षेत्र सूखा ग्रस्त घोषित होता है, तो मामला उच्च स्तर पर उठाया जाएगा ताकि पशुपालकों को राहत मिल सके।

दुष्कर्म मामले में दंपती सहित तीन दोषियों को 20 वर्ष का कठोर कारावास…

शिमला: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी दंपती समेत तीन दोषियों को न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है और इसे अदा न करने पर अतिरिक्त कैद भी भुगतनी होगी। न्यायालय ने राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है, जो 30 दिनों के भीतर अदा करने के लिए कहा है। फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पोक्सो) धर्मशाला के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नितिन मित्तल की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। दोषी महिला ने दुष्कर्म के बाद पीड़िता के कपड़े जलाए और छिपा कर सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया था। अक्तूबर 2023 को कांगड़ा जिला के एक पुलिस थाना में पीड़िता के जीजा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में कहा था पीड़िता 4 सितंबर 2023 को अपनी गर्भवती बड़ी बहन की सहायता के लिए जीजा के घर आई थी और वहीं रह रही थी। इसके बाद पहली जनवरी 2024 को पीड़िता के पिता और रिश्ते में मामा उसे अपने साथ ले गए। इसके बाद दो दिन तक पीड़िता से संपर्क नहीं हो पाया। जब उन्होंने फोन पर बातचीत की तो पीड़िता ने बताया कि उसके साथ गलत कार्य किया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी विशेष जिला न्यायवादी नवीना राही ने की। नायब अदालत से यशपाल ने उनका सहयोग किया।