रिश्वत लेते पकड़े जीएसटी इंस्पेक्टर के क्वार्टर से 1.71 लाख रुपये कैश बरामद

लाइव हिमाचल/ऊना: केंद्रीय जीएसटी कार्यालय, ऊना में 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए सीजीएसटी इंस्पेक्टर अंशुल धीमान के सरकारी क्वार्टर की तलाशी में विजिलेंस को 1.71 लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी मिली है। यह कार्रवाई विजिलेंस ने गिरफ्तारी के बाद अमल में लाई है। विजिलेंस यह जांच कर रही है कि यह रकम कहां से आई। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि क्या अधिकारी ने किसी अन्य मामले में भी रिश्वत ली थी। मंगलवार को डीएसपी फिरोज खान की अगुवाई में विजिलेंस अधिकारियों ने पूरी योजना के साथ यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी अंशुल धीमान को बुधवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। विजिलेंस अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में और भी कई मामलों का खुलासा हो सकता है। विजिलेंस के अनुसार, इंस्पेक्टर धीमान ने एक शिकायतकर्ता से गलत जीएसटी रिटर्न फाइल करने का मामला निपटाने के एवज में 1.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह सौदा 1.25 लाख रुपये में तय हुआ। इसी की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये लेते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ा गया।विजिलेंस के एसपी वीरेंद्र कालिया ने बताया कि टीम ने जाल बिछाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएँगे। इस गिरफ्तारी को प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की सक्रियता और सख्ती का एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

कांग्रेस राज में एचआरटीसी का घाटा बड़ा, भाजपा नहीं कांग्रेस जिम्मेवार : जमवाल

लाइव हिमाचल/शिमला : भाजपा प्रदेश मुख्यप्रवक्ता एवं विधायक राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री लगातार भाजपा के ऊपर टिप्पणियां कर रहे हैं जो की बी बुनियाद है। केवल मात्र जनता का ध्यान भटकने के लिए मुख्यमंत्री ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं, यह तथ्य से परे है कि एचआरटीसी एवं पर्यटन निगम में जो परेशानी आ रही है वह भाजपा के कारण आ रही है। हम मुख्यमंत्री को याद दिलाना चाहेंगे कि कांग्रेस की सरकार बने हुए 3 साल हो चुके हैं और जो वादे वह करके सत्ता में आए थे उसमें से कोई वादा पूरा नहीं हुआ है, शायद एचआरटीसी और पर्यटन निगम के बारे में मुख्यमंत्री ने चिंता करि होती तो आज यह समस्या उत्पन्न ना होती। राज्य का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक उपक्रम हिमाचल पथ परिवहन निगम घाटे में चल रहा है। घाटे को पाटने के लिए सरकार ने कई बार किराया बढ़ाया, लेकिन सरकार से मिलने वाली ग्रांट व घाटा भी इसके साथ ही दौड़ते रहे। जनता की जेब पर बोझ डालने के बावजूद यह सरकार कुछ नहीं कर पाई। हर बार किराया वृद्धि का तर्क महंगाई और घाटे को दिया गया, लेकिन हकीकत यह है कि घाटा कम होने की बजाय बढ़ता ही चला गया। वर्ष 2023-24 में निगम का घाटा 2119 करोड़ था, जो कि 2024-25 में 2200 करोड़ के करीब पहुंच चुका है। वर्तमान में एचआरटीसी के पास 3196 बसें हैं, जो 3871 रूटों पर चलती हैं। न्यूनतम किराया बढ़ाया, प्रति किमी किराया यथावत : एचआरटीसी निदेशक मंडल की सिफारिश पर 23 फरवरी को न्यूनतम किराये को 10 रुपये तक बढ़ाने की बात कैबिनेट में रखी गई थी।

देश भर में जीएसटी का बचत उत्सव की धूम, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का जनता पर टैक्स का बोझ : नड्डा

• दुर्भाग्य की बात यह है कि हिमाचल प्रदेश में बनने वाला सीमेंट पड़ोसी राज्यों में बिकता है तो सस्ता मिलता है
• कांग्रेस सरकार लूट रही जनता का हक
• सुखू की सरकार झूठी गारंटियों के नाम पर हिमाचल प्रदेश के आर्थिक स्थिति को बदहाल करके रख दिया है।

लाइव हिमाचल/शिमला : भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि पूरे भारत में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मां दुर्गा के अधिष्ठान और दशहरा का पावन पर्व मनाया जा रहा है। साथ ही आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से 22 सितंबर प्रथम नवरात्रों से देश भर में जीएसटी बचत उत्सव भी मनाया जा रहा है। आम लोगों को दैनिक जरूरत की अधिकतर सामानों पर जीएसटी या तो जीरो कर दिया गया है या काफी कम कर दिया गया है, इससे आम लोगों को काफी राहत मिली है। एक ओर देश भर में जीएसटी का बचत उत्सव की धूम है तो दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनता पर टैक्स का बोझ और बढ़ा रही है। हम सब जानते हैं कि हिमाचल प्रदेश बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की प्राकृतिक आपदा से हुए भारी नुकसान से उभरने की कोशिश कर रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से हिमाचल प्रदेश में घरों के निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के पुनर्निर्माण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सीमेंट पर जीएसटी में छूट दी गई। जिससे सीमेंट के प्रति बोरी पर 30 रु तक का दाम कम हो गए था, क्योंकि पहले सीमेंट पर 28% जीएसटी लगता था जो अब घट के 18% हो गया है। हालांकि इसका लाभ हिमाचल प्रदेश की जनता नहीं ले पाई क्योंकि कांग्रेस के सरकार हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने सीमेंट का दाम कम करने के बजाय सीमेंट के दाम को बढ़ा दिया है। जो जनता के हक में नहीं है, जिसका लाभ जनता को मिलना चाहिए था, उसे लूटने में हिमाचल सरकार उसी दिन से लग गई है जिस दिन जीएसटी पर छूट दी गई थी। एंटी डंपिंग ड्यूटी के नाम पर सीमेंट की 50 किलो की बोरी पर हिमाचल सरकार अब 16 रु तक का टैक्स वसूल कर रही है। जब हिमाचल प्रदेश आपदा और आर्थिक तंगी से गुजर रहा है तब आम लोगों को राहत देने के बजाय कांग्रेस सरकार अपनी तिजोरी भरने में लगी है। यह अनैतिक एवं असंवेदनशील है। दुर्भाग्य की बात यह है कि हिमाचल प्रदेश में बनने वाला सीमेंट जब पड़ोसी राज्यों में बिकता है तो सस्ता मिलता है। लेकिन हिमाचल प्रदेश में महंगी दरों में बेचा जा रहा है। कांग्रेस की वर्तमान सरकार इतनी असंवेदनशील है कि सीमेंट के साथ-साथ उसने पानी के बिल पर भी टैक्स बढ़ा दिया है। स्टाम ड्यूटी शुल्क पर भी टैक्स बढ़ा दिया है। ग्रामीण जलापूर्ति पर भी 100 रु का एक शुल्क लगा दिया है। साथ ही बिजली के बिल में भी भारी बढ़ोतरी कर दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी हिमाचल प्रदेश की जनता को राहत देना चाहते हैं। लेकिन कांग्रेस सरकार उन पर टैक्स का और शुल्क का बोझ डालकर उन्हें बदहाल बनाने में लगी हुई है। यह हिमाचल की सरकार के प्रति कांग्रेस सरकार के अमानवीय चेहरे को उजागर करता है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। सुखू की सरकार झूठी गारंटियों के नाम पर हिमाचल प्रदेश के आर्थिक स्थिति को बदहाल करके रख दिया है। यह जन विरोधी सरकार जनता समय आने पर इनको सबक सिखाएगी।

अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित…

लाइव हिमाचल/मंडी :  अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस आज यहां वरिष्ठ नागरिक भवन (मांडव चैरिटेबल ट्रस्ट), मंडी में बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन रहे। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन से ही समाज सही दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई आपदा के समय वरिष्ठ नागरिकों ने आगे आकर प्रभावित परिवारों को राशन, आर्थिक सहयोग और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाकर सराहनीय योगदान दिया है। उपायुक्त ने प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों द्वारा थुनाग, बालीचौकी, सुंदरनगर और करसोग सहित विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में किए गए निरंतर प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी समीर ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और उत्थान के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि एम.एल. शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक अवस्थी, जिला अध्यक्ष रणपत सिंह राणा, जिला सचिव तेज सिंह, जिला सलाहकार कुलदीप गुलेरिया सहित ट्रस्ट एवं वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद मंडी की ओर से विभिन्न खण्डों, जिला एवं प्रदेश की 19 इकाइयों से वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान आपदा प्रबंधन में सराहनीय योगदान देने वाले 19 वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित भी किया गया।

15 अक्तूबर तक सभी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटें क्रियाशील हों : अपूर्व देवगन

लाइव हिमाचल/मंडी: जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की गवर्निंग बॉडी की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय के वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम मंडी में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मंडी एवं अध्यक्ष जिला स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अपूर्व देवगन ने की। उपायुक्त ने सभी खंड विकास अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 15 अक्तूबर तक जिले के सभी विकास खंडों में स्थापित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट पूरी तरह क्रियाशील कर दी जाएं और इन केन्द्रों में प्लास्टिक कचरे की प्रोसेसिंग शुरू हो जाए। उन्होंने बताया कि जिले के 14 विकास खंडों में से 8 खंडों में ये यूनिटें पहले ही कार्यशील हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि डोर टू डोर प्लास्टिक कचरे के संग्रहण के लिए बनाए गए क्लस्टरों का पुनर्गठन किया जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों पर डोर टू डोर प्लास्टिक संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि कुछ स्थानों पर नए “कचरा हॉट स्पॉट” विकसित हो गए हैं, जिन पर विशेष ध्यान देते हुए 2 अक्तूबर को जिलेभर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्लास्टिक कचरे के लिए “हब एंड स्पोक मॉडल” को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। सभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता कार्य केवल ढांचागत नहीं, बल्कि व्यवहारगत बदलाव से भी जुड़े हैं। इसके लिए निरंतर सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों की आवश्यकता है। जिला विकास अधिकारी गोपी चंद पाठक ने बताया कि वर्ष 2025–26 की वार्षिक कार्ययोजना के अनुसार मंडी जिले की सभी 555 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयाँ स्थापित करने, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने और पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष पाल वर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिपाली शर्मा, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मंडी के क्षेत्रीय अधिकारी विनय कुमार तथा सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

सोलन में अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस आयोजित…

लाइव हिमाचल/सोलन: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग सोलन द्वारा आज यहां अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के तहसीलदार मुल्तान सिंह बनियाल ने की। उन्होंने कहा कि वृद्धजन हमें सही राह दिखाते हैं हमें उन्हें बोझ नहीं, बल्कि प्रेरणा स्रोत मानना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल करनी चाहिए तथा उनके अनुभवों से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार से बुजुर्ग को बहुत आशाएं होती हैं। प्यार और सम्मान की सर्वाधिक जरूरत होती है। एक व्यक्ति जो परिवार को बनाने में अपना पूरा जीवन बिता देते है उनका सम्मान करना बहुत जरूरी है। ज़िला कल्याण अधिकारी गावा सिंह नेगी ने इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ज़िला सोलन में लगभग 52,000 लाभर्थियों को विभाग द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशनर प्रदान की जा रही है। ज़िला चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रंजन तलवार द्वारा इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्रदान की गई। ज़िला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सोलन की कानूनी सहायता व बचाव पक्ष की अधिवक्ता श्रुति शर्मा ने उपस्थित वृद्धजनों को उनके कानूनी अधिकार व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को हेल्प एज इंडिया के सहयोग से बनवाए गए आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए। इस अवसर पर वृद्धजनों ने भी अपने बहुमूल्य अनुभव सांझा किए।
कार्यक्रम में ज़िला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पदम देव शर्मा, लगभग 50 वृद्धजनों सहित अन्य संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।

कलाकारों ने गीत-संगीत व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से किया ग्रामीणों को सरकार योजनाओं बारे जागरूक

लाइव हिमाचल/सोलन: सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग से संबद्ध सांस्कृतिक दल झंकार म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों द्वारा आज सोलन विकास खण्ड की ग्राम पंचायत शमरोड़ व जौणाजी में गीत-संगीत व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए कार्यान्वित की जा रही योजनाओं के बारे में ग्रामीणों को जागरूक किया गया। कलाकारों ने गीत-संगीत के माध्यम से ग्रामीणों को मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। योजना के अंतर्गत किसानों को कार्प मत्स्य पालन के तालाब निर्माण के लिए इकाई लागत पर 80 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। सभी वर्ग के किसान योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। बेरोज़गार युवाओं और नए आवेदकों को प्राथमिकता दी जाती है। कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया। कलाकारों ने युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रहने और खेलों व अन्य सकारात्मक गतिविधियों को अपनाने का आग्रह किया। युवाओं को अवगत करवाया गया कि प्रदेश सरकार ने राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के लिए डाइट मनी को 240 से बढ़ाकर 400 रुपए, ज़िला स्तर के लिए 300 रुपए और खंड स्तर के लिए 240 रुपए किया है। राज्य से बाहर खेल प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली डाइट मनी को 500 रुपए किया गया है।
कलाकारों ने ग्रामीणों ने सरकार द्वारा कार्यान्वित की जा रही योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह भी किया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत जौणाजी की प्रधान जयवंती, ग्राम पंचायत शमरोड़ के प्रधान नंद राम सहित ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि व ग्रामीण उपस्थित थे।
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दुकानदार ने चप्पलों की खरीद पर कैरी बैग के काटे 6 रुपये, अब शुल्क समेत देने होंगे आठ हजार रुपये

शिमला: उपभोक्ता आयोग ने कहा कि दुकानदार ग्राहकों से कैरी बैग के लिए अलग से शुल्क नहीं वसूल सकते। प्रीति सूद से चप्पल की खरीद पर 6 रुपये अतिरिक्त बैग शुल्क लेने को आयोग ने अनुचित व्यापार व्यवहार माना। आयोग ने शो रूम मालिक को 6 रुपये वापस करने के साथ मानसिक उत्पीड़न के 5,000 रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 3,000 रुपये 45 दिन के भीतर अदा करने के आदेश दिए हैं। दरअसल 21 जनवरी 2024 को महिला लोअर बाजार स्थित बाटा शूज स्टोर की दुकान पर दो जोड़ी चप्पलें खरीदने गईं। प्रीति सूद ने 249.50 रुपये प्रति जोड़ी की हिसाब से चप्पलें खरीदीं। इसका 505 रुपये बिल बना जबकि चप्पलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के अनुसार बिल की राशि 499 होनी चाहिए थी। महिला को बिल देखकर प्रबंधक से पूछा कि 6 क्यों लिए गए हैं, तो प्रबंधक ने बताया कि पेपर कैरी बैग के लिए 6 रुपये लिए हैं। महिला को दिए गए कैरी बैग पर बाटा इंडिया लिमिटेड प्रिंट था जबकि इस बैग का असली निर्माता एयूएम पॉलीप्रिंट प्राइवेट लिमिटेड है। दलील दी कि बाटा शूज स्टोर कैरी बैग का निर्माता नहीं है और न ही महिला का इसे कभी खरीदने का इरादा था। आरोप लगे है कि बाटा शूज स्टोर बड़ी चालाकी से ग्राहकों को कैरी बैग का शुल्क लेकर और अपने विज्ञापनों के लिए इसका इस्तेमाल करके बेवकूफ बना रहा है। इसलिए आयोग के समक्ष यह शिकायत दायर की गई। 4 सितंबर 2025 के आदेश में एकपक्षीय कार्यवाही की गई। जिला आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने माना कि विपक्षी पक्ष का यह कर्तव्य था कि वह शिकायतकर्ता को निशुल्क कैरी बैग या पेपर बैग उपलब्ध करवाए। कैरी बैग निश्चित रूप से विपक्षी पक्ष की ओर से बिक्री का अभिन्न अंग है और कैरी बैग के लिए 6 रुपये अतिरिक्त वसूलने का कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं था। शहर में कई शोरूम हजारों रुपये की खरीद के बाद कैरी बैग के पैसे वसूलते है। कोई व्यक्ति छोटी-मोटी चीजें खरीदने के लिए रेहड़ी-पटरी वालों के पास भी जाता है, तो रेहड़ी-पटरी वाले या फेरीवाले सामान के साथ कैरी बैग देते हैं या सामान को अखबार में लपेटकर देते हैं। लेकिन बड़े बड़े शोरूम में लोगों से कैरी बैग के पैसे वसूले जा रहे हैं। किसी से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह खरीदा हुआ सामान अपने हाथों में ले लें। ग्राहकों को दुकान परिसर में अपने कैरी बैग लाने की अनुमति न देकर और अपने कैरी बैग को प्रतिफल के रूप में थोपकर सेवा प्रदान करने में कमी मानी जाती है।

सरकार ने पशुओं में इस्तेमाल होने वाली 34 दवाओं पर लगाई रोक, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

नेशनल डेस्क : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब उन 34 दवाओं के उत्पादन, कारोबार और आयात पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिनका इस्तेमाल अक्सर पशुओं में किया जाता है। इन दवाओं में 15 तरह की एंटीबायोटिक, 18 एंटीवायरल और 1 एंटीप्रोटोजोल दवा शामिल हैं। यह प्रतिबंध अंडा देने वाले पक्षियों, दूध देने वाले पशुओं, मवेशियों, भैंसों, भेड़ों, बकरियों, सूअरों और मधुमक्खियों पर लागू होगा। अगर कोई इन दवाओं का इस्तेमाल करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

क्यों लगी रोक

स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि पशुपालक इन दवाओं का इस्तेमाल संक्रमण रोकने, भूख बढ़ाने और दूध उत्पादन ज्यादा करने के लिए करते हैं। लेकिन इन दवाओं का असर मांस, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों के जरिए इंसानों तक पहुंच रहा है। इंसानों के शरीर में जब यह दवाएं जाती हैं तो कई बीमारियों पर असर करने वाली दवाएं काम करना बंद कर देती हैं, क्योंकि शरीर उनमें प्रतिरोधक क्षमता बना लेता है।

किन दवाओं पर बैन

प्रतिबंधित दवाओं में यूरिडोपेनिसिलिन, सेफ्टोबिप्रोल, कार्बापेनेम्स, मोनोबैक्टम, ग्लाइकोपेप्टाइड्स, ऑक्साजोलिडिनोन्स, फिडैक्सोमिसिन, एरावासाइक्लिन जैसी एंटीबायोटिक्स शामिल हैं। एंटीवायरल दवाओं में अमैन्टाडाइन, फेविपिराविर, मोलनुपिराविर, ओसेल्टामिविर, रिबाविरिन समेत 18 दवाएं आती हैं। एंटीप्रोटोजोल्स में नाइटाजोक्सानाइड पर रोक लगाई गई है। हरियाणा के ड्रग कंट्रोलर ललित गोयल के अनुसार, अगर कोई इन दवाओं का उपयोग करता पाया गया तो उसे तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। विभाग ने सभी केमिस्ट और ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि पशुओं के लिए इन दवाओं के सुरक्षित विकल्प बाजार में उपलब्ध हैं।

RSS के पूरे हुए 100 वर्ष : PM मोदी आज जारी किया विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के

दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना को 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आज राजधानी दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्के जारी किया। जो संघ के एक शताब्दी के गौरवशाली सफर का प्रतीक होगा।बता दें कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10:30 बजे हुई, जिसमें संघ के शीर्ष पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और देशभर से आमंत्रित स्वयंसेवक उपस्थित रहे। संघ के सर-कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले भी इस अवसर पर मंच पर मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राष्ट्र साधना की इस यात्रा में ऐसा नहीं है कि संघ पर हमले नहीं हुए, संघ के खिलाफ साजिशें नहीं हुईं… हमने देखा है कि कैसे आजादी के बाद संघ को कुचलने का प्रयास हुआ। मुख्यधारा में आने से रोकने के अनगिनत षड्यंत्र हुए। परमपूज्य गुरुजी को झूठे केस में फंसाया गया, उन्हें जेल तक भेज दिया गया। लेकिन जब पूज्य गुरुजी जेल से बाहर आए तो उन्होंने सहज रूप से कहा और शायद इतिहास में सहज भाव एक बहुत बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने सहजता से कहा था कि कभी-कभी जीभ दांतों के नीचे आकर दब जाती है, कुचल भी जाती है, लेकिन हम दांत नहीं तोड़ देते हैं, क्योंकि दांत भी हमारे हैं और जीभ भी हमारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “1963 में RSS के स्वयंसेवक भी 26 जनवरी की परेड में शामिल हुए थे। उन्होंने बहुत आन-बान-शान से राष्ट्रभक्ति की धुन पर कदमताल किया था…संघ के स्वयंसेवक… जो अनवरत रूप से देश की सेवा में जुटे हैं, समाज को सशक्त कर रहे हैं… इसकी भी झलक इस डाक टिकट में है। मैं इन स्मृति सिक्कों और डाक टिकट के लिए देशवासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

पीएम मोदी का भावुक संदेश

समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि विजयादशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के गौरवशाली 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। देशभर में इसके लाखों स्वयंसेवक पिछली एक सदी से ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ मां भारती की सेवा में समर्पित रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें इस ऐतिहासिक क्षण में शामिल होने और विशेष डाक टिकट व स्मृति सिक्के के विमोचन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है, जो संघ की प्रेरणादायक यात्रा को श्रद्धांजलि देगा।

संघ की 100 साल की यात्रा

1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा नागपुर में स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने शुरुआती वर्षों से ही भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा को केंद्र में रखते हुए समाज में गहरी पैठ बनाई है। आज, देशभर में लाखों स्वयंसेवक विविध क्षेत्रों में सक्रिय हैं शिक्षा, ग्रामीण विकास, आपदा राहत और सामाजिक समरसता जैसे मुद्दों पर कार्यरत हैं। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं भी अपने प्रारंभिक जीवन में एक सक्रिय प्रचारक के रूप में संघ से जुड़े रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक नींव भी संघ के विचारों से प्रेरित रही है। यही कारण है कि संघ की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर प्रधानमंत्री की सहभागिता को एक प्रतीकात्मक और भावनात्मक क्षण के रूप में देखा जा रहा है।

क्या होगा डाक टिकट और सिक्के में खास?

भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला यह विशेष डाक टिकट और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया गया स्मृति सिक्का, संघ के सौ साल के योगदान को दर्शाएगा। इसमें संघ का प्रतीक चिन्ह, स्थापना वर्ष और ‘राष्ट्र प्रथम’ का संदेश प्रमुखता से अंकित किया जाएगा।