शिमला: विश्व प्रसिद्ध कुल्लू दशहरा उत्सव कनाडा के ओटावा स्थित पार्लियामेंट हिल में मनाया गया। दशहरा में हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और लोक कला को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कार्यक्रम को वर्चुअल रूप से संबोधित किया और राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने के लिए हिमाचली प्रवासी ग्लोबल एसोसिएशन (एचपीजीए) की सराहना की। अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय प्रवासी जिस उत्साह के साथ दुनिया भर में त्योहारों, संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाते हैं, वह भारतीय सभ्यता के चिरस्थायी मूल्यों और विविधता में एकता की विरासत को दर्शाता है। दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक बताते हुए सुक्खू ने कहा कि यह त्योहार सही के लिए निडर होकर खड़े होने का संदेश देता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न दिखाई दे, अंततः धर्म अधर्म पर विजय प्राप्त करेगा। इस कार्यक्रम की मेजबानी ऑरलियन्स की सांसद मैरी-फ्रांस लालोंडे ने की और इसका आयोजन एचपीजीए द्वारा 35 से अधिक भारत-कनाडाई संगठनों के उत्साहपूर्ण सहयोग से किया गया। इसमें भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्य, विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने वाले लोग, सामुदायिक नेता, संस्कृति प्रेमी और विशिष्ट अतिथि एक साथ आए। सुक्खू ने कहा कि कनाडा के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्थलों में से एक पर आयोजित यह समारोह हिमाचल प्रदेश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति और विश्व स्तर पर यहां के लोगों के कौशल, प्रतिभा और नेतृत्व की मान्यता को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की पहल राज्य की समृद्ध परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। इस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण नाटी और झमकरा सहित पारंपरिक हिमाचली लोक नृत्यों की प्रस्तुति के साथ-साथ राम लीला का जीवंत प्रदर्शन था। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारतीय परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देने तथा उन्हें भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए भारत-कनाडा समुदाय के प्रयासों को उजागर किया। इस कार्यक्रम में मेहमानों को हिमाचल प्रदेश की पाक कला का स्वाद भी चखने को मिला। राज्य के प्रसिद्ध धाम सहित पारंपरिक हिमाचली व्यंजन परोसे गए। मुख्यमंत्री ने विदेशों में रहने वाले हिमाचलियों को एकजुट करने, राज्य की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन क्षमता को बढ़ावा देने और वैश्विक हिमाचली समुदाय और कनाडा के बीच सार्थक संबंधों को मजबूत करने के लिए एचपीजीए के प्रयासों की सराहना की। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी कुल्लू दशहरा के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सांस्कृतिक विविधता, सामुदायिक भागीदारी और कनाडा के बहुसांस्कृतिक समाज में इंडो-कनाडाई लोगों के बहुमूल्य योगदान को स्वीकार किया। एचपीजीए के निदेशक मंडल (भाग्य चंदर, अरुण चौहान, विवेक नाजेर, संजीव ठाकुर, आशु कालिया और पूनम गुलेरिया शामिल) ने हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने, दुनिया भर में हिमाचलियों के बीच संबंधों को मजबूत करने और राज्य की परंपराओं, मूल्यों और प्राकृतिक सुंदरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के प्रति संघ की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस समारोह ने राष्ट्रीय सीमाओं से परे सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने और भारत तथा कनाडा के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में भारतीय प्रवासी भारतीयों की भूमिका को रेखांकित किया। संसद भवन में कुल्लू दशहरा की भावना को समाहित करके, इस आयोजन ने हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान किया और राज्य तथा उसके प्रवासी भारतीयों के बीच अटूट संबंध को और मजबूत किया।





