शिमला: हिमाचल प्रदेश में उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाले ब्याज-मुक्त ऋण को लेकर एक चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। लगभग 29 सालों से संचालित हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम की इस कल्याणकारी योजना के प्रति जागरूकता की कमी साफ तौर पर देखने को मिल रही है, क्योंकि चालू वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश की महज दो युवतियों ने ही उच्च शिक्षा के लिए इस ऋण का लाभ उठाया है। आपको बता दें कि इस योजना के तहत पात्र युवतियों को एमबीबीएस, इंजीनियरिंग, बीएड, एमबीए, नर्सिंग और आर्किटेक्चर जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए 75 हजार रुपये तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी बेटी की पढ़ाई न रुके। योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल मिलाकर सिर्फ 87 युवतियां ही इस सुविधा का लाभ उठा पाई हैं। हालांकि, इस स्थिति में सुधार के लिए महिला विकास निगम अब सक्रिय हो गया है और ऋण की राशि को बढ़ाने का प्रस्ताव सरकार को भेजने के साथ-साथ युवतियों के बीच इसकी जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास भी किए जा रहे हैं।





