लाइव हिमाचल/सोलन: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहां सिजेरियन डिलीवरी के दौरान कथित लापरवाही के चलते एक नवजात की टांग टूटने का मामला सामने आया है। इस गंभीर घटना के बाद बच्ची का वर्तमान में आईजीएमसी (IGMC) शिमला में इलाज चल रहा है, जबकि उसकी मां क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचाराधीन है। नवजात के पिता, सोलन निवासी विकास ने अस्पताल के डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए डीसी और एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पिता ने आपबीती बताते हुए कहा कि 10 अक्टूबर को क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उनकी पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। डिलीवरी के बाद उन्हें बच्ची को लेबर रूम ले जाने के निर्देश दिए गए, जहां बाद में एक इंजेक्शन लगवाने के लिए कहा गया। जब वे इंजेक्शन लगवाने पहुंचे तो वहां तैनात कर्मी ने बच्ची की टांग में सूजन होने की बात कही और एक्स-रे करवाने की सलाह दी। एक्स-रे रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि नवजात की टांग टूटी हुई है। आरोप है कि संबंधित डॉक्टर का व्यवहार भी इस दौरान ठीक नहीं रहा और अस्पताल प्रशासन की ओर से बच्ची को आईजीएमसी शिफ्ट करने में किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने डॉ. संजीव जैन के नेतृत्व में 5 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है, जिसे दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।





