नेशनल डेस्क: देश के सियासी गलियारे से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मोदी सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री रहे जॉर्ज कुरियन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मंगलवार सुबह राष्ट्रपति भवन ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। जॉर्ज कुरियन के इस अचानक इस्तीफे के बाद हर कोई इसकी वजह तलाश रहा है। दरअसल, इसके पीछे कोई राजनीतिक नाराजगी नहीं, बल्कि एक संवैधानिक मजबूरी है। जॉर्ज कुरियन को अगस्त 2024 में अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया था। वे राज्यसभा सदस्य के रूप में मंत्री पद संभाल रहे थे, लेकिन अब उनकी राज्यसभा सदस्यता की अवधि पूरी हो चुकी है। नियम के मुताबिक मंत्री बने रहने के लिए संसद सदस्य होना अनिवार्य है, और इस बार उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा गया, जिस वजह से उन्हें पद छोड़ना पड़ा। 1980 से बीजेपी से जुड़े 65 वर्षीय कुरियन को लेकर सूत्र बता रहे हैं कि केंद्रीय नेतृत्व अब उन्हें वापस केरल की राज्य राजनीति में सक्रिय करने की तैयारी कर रहा है।




