शिमला: प्रदेश के राशन डिपुओं में मई महीने में भी एपीएल उपभोक्ताओं को आटे का पूरा कोटा नहीं मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा आटे के कोटे में की गई कटौती इस महीने भी जारी रहेगी, जिससे लाखों परिवारों को बाजार से महंगा आटा खरीदने पर मजबूर होना पड़ेगा। पिछले तीन महीनों से जारी इस कटौती के बीच अब विभाग ने राशन कार्ड पर मिलने वाली दालों के दामों में भी बड़ा बदलाव किया है। फरवरी में 11 किलो, जबकि मार्च और अप्रैल में 12 किलो आटा दिया गया था, और मई में भी यही मात्रा निर्धारित की गई है। चावल की आपूर्ति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और उपभोक्ताओं को छह किलो चावल ही मिल रहे हैं। वहीं, रिफाइंड तेल की सप्लाई अब तक डिपुओं में नहीं पहुंच पाई है, जबकि इसके लिए ऑर्डर पहले ही जारी किए जा चुके हैं।
मई में भी कम मिलेगा आटा – APL परिवारों पर बड़ा झटका
| महीना | APL परिवारों को मिला आटा | सामान्य कोटे से कमी |
|---|---|---|
| फरवरी 2026 | 11 किलोग्राम | 24 किलो कम |
| मार्च 2026 | 12 किलोग्राम | 23 किलो कम |
| अप्रैल 2026 | 12 किलोग्राम | 23 किलो कम |
| मई 2026 | 12 किलोग्राम | 23 किलो कम |
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के एक बयान के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में आटे (गेहूं) के कोटे में कटौती मई महीने में भी जारी रहेगी। APL परिवारों को यह राहत नहीं मिल पाएगी कि उन्हें पूरा कोटा मिले। पिछले कुछ महीनों का ट्रेंड देखें तो:
अधिकारियों के मुताबिक, अभी यह कटौती जारी रखने का फैसला लिया गया है। इसका मतलब है कि लाखों APL परिवारों को मई में भी बाजार से महंगा आटा खरीदना पड़ेगा। प्रदेश में लगभग 17 लाख से अधिक राशन कार्ड हैं, जिनमें से अधिकांश APL श्रेणी में आते हैं।
सामान्य कोटा क्या था?
हिमाचल प्रदेश में APL (Above Poverty Line) परिवारों को सामान्यतः 35 किलोग्राम आटा प्रति यूनिट (परिवार) प्रति माह मिलता था। यह राशन डिपो से सरकारी सब्सिडी पर मिलता था।
चावल का कोटा जस का तस – कोई बदलाव नहीं
जहां आटे के मामले में कटौती जारी है, वहीं चावल की सप्लाई में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने 6 किलोग्राम चावल प्रति यूनिट मिलता रहेगा। चावल के दामों में भी अभी कोई संशोधन नहीं किया गया है।
दालों के दामों में बड़ा उलट-फेर – कौन सस्ती, कौन महंगी?
Himachal Ration Update May 2026 के तहत दालों की कीमतों में बड़ा बदलाव हुआ है। सरकार ने तीन प्रमुख दालों – उड़द, चना और मसूर – के रेट में संशोधन किया है।
महंगी हुई दालें:
- उड़द दाल: ₹13 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी
- मलका मसूर (मसूर दाल): ₹1 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी
सस्ती हुई दाल:
- चना दाल: ₹11 प्रति किलोग्राम की कमी
विभाग के अनुसार, ये नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं और सभी राशन डिपुओं पर लागू होंगी।
NFSA और APL उपभोक्ताओं के लिए नई दरें (टेबल)
नई दरों को समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें। यहाँ NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) और APL (गरीबी रेखा से ऊपर) दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए प्रति किलोग्राम दरें दी गई हैं।
रिफाइंड तेल की सप्लाई अभी नहीं पहुंची
प्रदेश के कई राशन डिपुओं पर अभी भी रिफाइंड तेल की सप्लाई नहीं पहुंची है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सप्लाई के लिए ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं और उम्मीद है कि जल्द ही तेल भी डिपुओं पर उपलब्ध होगा। हालांकि, अभी तक इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
एक नज़र में सभी बदलाव (बुलेट पॉइंट्स)
आटा (APL): मई 2026 में भी 12 किलोग्राम प्रति यूनिट (कटौती जारी)
चावल (सभी): 6 किलोग्राम प्रति यूनिट (कोई बदलाव नहीं)
उड़द दाल: NFSA ₹89, APL ₹94 (₹13 बढ़ी)
चना दाल: NFSA ₹61, APL ₹66 (₹11 घटी)
मसूर दाल: NFSA ₹67, APL ₹72 (₹1 बढ़ी)
रिफाइंड तेल: अभी डिपुओं पर नहीं, ऑर्डर जारी





