हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश और पंजाब की सीमा पर एंट्री टैक्स बढ़ोतरी को लेकर एक बार फिर विवाद तेज हो गया है. नालागढ़ के पास देहनी बॉर्डर पर पंजाब की विभिन्न जत्थेबंदियों ने धरना प्रदर्शन कर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात पर असर पड़ा है. प्रदर्शन में किसान संगठनों, टैक्सी यूनियन, ट्रक ऑपरेटर और अन्य समूहों ने भाग लिया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हिमाचल सरकार द्वारा एंट्री टैक्स में की गई बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिमाचल सरकार ने एंट्री टैक्स और अन्य शुल्कों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। उनका कहना है कि पहले 70 की पर्ची को बढ़ाकर 100 कर दिया गया, जबकि अन्य श्रेणियों में भी शुल्क दोगुना तक कर दिया गया है। आजाद टैक्सी यूनियन, रोपड़ के उपाध्यक्ष कमलजीत सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने पहले टैक्स अस्थायी रूप से लेने और बाद में हटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब इसे लगातार बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने इसे वादाखिलाफी करार दिया।
क्या है विवाद की वजह?
प्रदर्शनकारियों के अनुसार:
-पहले निजी वाहनों से ₹70 एंट्री टैक्स लिया जाता था
-अब इसे बढ़ाकर ₹100 कर दिया गया है
-अन्य श्रेणियों में भी फीस बढ़ाई गई है
इसी बढ़ोतरी के विरोध में पंजाब के संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है.
तीन जिलों में यातायात प्रभावित
धरने के कारण बॉर्डर एरिया पर जाम की स्थिति बन गई है, जिससे:
-नालागढ़ (जिला सोलन)
-बिलासपुर
-ऊना
जिलों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक एंट्री टैक्स में की गई बढ़ोतरी वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार से भी मांग की है कि वह इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए और जरूरत पड़ने पर जवाबी कदम उठाए.





