लाइव हिमाचल/सोलन: ग्राम धार आंजी में डाकघर धर्मपुर तहसील कसौली जिला सोलन सोलन में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का आयोजन धार आंजी नवदुर्गा जागरण पार्टी धर्मपुर एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा 8 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक किया जा रहा है। वहीं कथा का गुणगान आचार्य रोहित शर्मा पट्टा मेहलोग द्वारा किया जा रहा है। आज की कथा में वेदव्यास की वाणी में सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र की कथा का सुंदर गुणगान किया गया और श्रोताओं को संदेश दिया गया कि जीवन में कोई भी स्थिति क्यों ना आ जाए हमें सत्य को कभी नहीं त्यागना चाहिए। रामचरितमानस में तुलसीदास जी कहते है सबसे बड़ा धर्म ही सत्य है और सबसे बड़ा सत्य ही धर्म है। राजा हरिश्चंद्र ने सभी सनातन संस्कृति को सिखाया है कि अपने जीवन में सत्य पर किस तरह से चलना है।
राजा हरिश्चंद्र की कथा के उपरांत मां भगवती का शताक्षी रूप का वर्णन किया गया जिसमें मां भगवती ने दुर्गम नामक दैत्य का संहार किया दुर्गम नामक दैत्य ने सभी वेद पुराणों का संहार किया जिसे मुक्त करवाने के लिए मां दुर्गा को एक नया स्वरूप प्रकट करना पड़ा और अब से मां दुर्गा कहलाई। तत्पश्चात वेदव्यास जी की वाणी का वर्णन करते हुए कहा की जीवन में अहंकार को कभी जन्म नहीं देना चाहिए जो भी मिला है सब भगवान से ही प्राप्त हुआ है और जब जीवन समाप्त होता है तो भगवान के पास ही वापस चला जाता है इसलिए हर परिस्थिति में अहंकार को जन्म नहीं देना चाहिए। अंत में प्रजापति दक्ष की कथा का सुंदर वर्णन किया बताया कि मां भगवती की कृपा से प्रजापति दक्ष के घर में मां भगवती ही सती के रूप में प्रकट होकर के आई। तत्पश्चात भगवान शिव और पार्वती के विवाह की कथा का वर्णन हुआ। ग्राम धार आंजी में कथा को सुनने के लिए श्रोताओं की भीड़ प्रतिदिन बढ़ रही है। आज कथा का सप्तम दिवस था। आचार्य रोहित शर्मा ने एक ही बात पर बल दिया है कि हम सभी को कथा से यही सीख लेनी चाहिए कि स्थिति कैसी भी क्यों ना हो अपने कर्म से धर्म अर्थात सनातन का कभी त्याग नहीं करना चाहिए




