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हिमाचल प्रदेश में तैयार औषधियों की विदेशों में भी बढ़ी मांग

शिमला: होलीस्टिक हिमालय स्टार्टअप के तहत बनाए गए वेलनेस सेंटर एंड एक्सपीरियंस्ड भटोली जुआंस में हिमालय की बेशकीमती जड़ी-बूटियों से तैयार औषधियों की पौलैंड, अमेरिका, जर्मनी के साथ दिल्ली और केरल में खूब मांग है। सेंटर में जटा, मानसी, कुटकी, भूतकेसी, कसमल और अन्य जड़ी-बूटियों से औषधियां तैयार की जाती हैं। यह स्टार्टअप भटोली निवासी डॉ. मोहम्मद रियाज ने शुरू किया है। एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज चंबा में प्रशिक्षुओं को जड़ी-बूटियों और उनके उपयोग पर पढ़ाया। जड़ी-बूटियों में रुचि और शोध के लिए उन्होंने कॉलेज की नौकरी छोड़कर आयुष विभाग में काम किया। डॉ. रियाज का कहना है कि चंबा और आसपास के क्षेत्रों की औषधीय जड़ी-बूटियों के बल ही बेहतरीन दवाइयां तैयार की जा सकती हैं। देश-विदेश का अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने अपने पुश्तैनी घर लौटकर यह सेंटर आरंभ किया। वर्तमान में उनके उत्पादों का इस्तेमाल एम्स बिलासपुर और अन्य चिकित्सक कर रहे हैं। उनके शोधपत्र ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में प्रकाशित हो चुके हैं। सेंटर से लगभग 800 लोग जुड़े हैं, जिनमें 90 प्रतिशत महिलाएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग जड़ी-बूटियां सेंटर तक लाते हैं, जिससे उन्हें रोजगार और परिवार का भरण-पोषण सुनिश्चित होता है। डॉ. रियाज ने बताया कि हिमालय की जड़ी-बूटियों से कैंसर, एड्स जैसी बीमारियों के इलाज में मदद मिलने की संभावना है। नियमित सेवन से मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होने के अवसर बढ़ सकते हैं।

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