शिमला: नए साल यानी 2026 में जनवरी माह के पहले दिन गुरुवार है. इस दिन सरकारी कर्मचारियों को वेतन व पेंशनर्स को पेंशन का खास इंतजार इसलिए रहता है क्योंकि ये नए साल के स्वागत का दिन है. सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार साल शुरू होने से ऐन एक दिन पहले एक हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेगी. कर्ज की ये रकम 15 साल के लिए ली जा रही है. इसके लिए वित्त विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है. वित्त विभाग के सचिव आईएएस राकेश कंवर की तरफ से जारी की गई। अधिसूचना के अनुसार 31 दिसंबर 2025 यानी साल के अंतिम दिन ये रकम सरकार के खजाने में आ जाएगी. कर्ज की इस रकम के लिए तय नियमों के अनुसार ऑक्शन होगी. ये ऑक्शन 30 दिसंबर को तय की गई है. सरकारी अधिसूचना में कर्ज लेने का मकसद विकास कार्य बताए गए हैं. यानी कर्ज की ये रकम विकास कार्यों पर खर्च होगी. दर हकीकत राज्य सरकार को हर महीने कर्मचारियों के वेतन व पेंशनर्स की पेंशन के लिए लगभग 2000 करोड़ रुपए की जरूरत होती है. नए साल से ओल्ड पेंशन स्कीम का बोझ भी बढ़ने वाला है. ऐसे में सरकार की नजर 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों पर टिकी है. यदि वित्त आयोग से हिमाचल के लिए अच्छी-खासी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट की अनुशंसा हो गई तो राज्य सरकार की हर महीने वेतन व पेंशन की चिंता काफी हद तक कम हो जाएगी. खैर, कर्ज की इस रकम के साथ ही हिमाचल प्रदेश एक लाख करोड़ रुपए के लोन के बोझ के और करीब हो जाएगा. अब कर्ज का अनुमानित आंकड़ा नब्बे हजार करोड़ रुपए के करीब पहुंच गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने इससे पहले 3 दिसंबर को ही 350 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था. वो कर्ज मीडियम टर्म लोन के रूप में था. इस तरह एक ही महीने में सुक्खू सरकार ने 1350 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है. राज्य सरकार ने नवंबर महीने में 300 करोड़ रुपए व अक्टूबर महीने में 200 करोड़ रुपए का कर्ज उठाया था. आखिरी तिमाही के लिए केंद्र सरकार राज्य को अलग से लोन लिमिट सेंक्शन करेगी. फिर मार्च महीने में राज्य सरकार का बजट आ जाएगा. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही कहा है कि राज्य सरकार ने अपने प्रयासों से 2600 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया है. वहीं, विपक्षी दल भाजपा का कहना है कि कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. खैर, नए साल की शुरुआत भी कर्ज से होने जा रही है. नए साल की पूर्व संध्या पर राज्य सरकार के खजाने में कर्ज की एक हजार करोड़ रुपए की रकम आ जाएगी।




