Home » Uncategorized » डॉ. परमार के बाद सिरमौर को मिली कांग्रेस मुखिया की कुर्सी, छह दशक बाद संगठन का केंद्र बना सिरमौर

डॉ. परमार के बाद सिरमौर को मिली कांग्रेस मुखिया की कुर्सी, छह दशक बाद संगठन का केंद्र बना सिरमौर

शिमला: रविवार को शिमला के राजीव भवन में एक भव्य समारोह के दौरान विनय कुमार ने औपचारिक रूप से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और निवर्तमान अध्यक्ष प्रतिभा सिंह समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। प्रतिभा सिंह ने विनय कुमार को कार्यभार सौंपते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद जताई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि हिमाचल निर्माता डॉ. वाईएस परमार के बाद पहली बार सिरमौर जिले के किसी नेता को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए छह नामों पर विचार हुआ था, जिसके बाद विनय कुमार का चयन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पुरानी पेंशन योजना (OPS) को किसी भी हाल में बंद नहीं करेगी। पदभार संभालने के बाद नवनियुक्त अध्यक्ष विनय कुमार ने हाईकमान का आभार व्यक्त किया और घोषणा की कि अगले दो महीनों के भीतर प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन में वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को भी उचित स्थान मिलेगा। इससे पहले, दिल्ली से शिमला आते समय परवाणू, कसौली, धर्मपुर और सोलन में कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। आपको बता दें कि

हिमाचल प्रदेश का जब 1948 में गठन हुआ था, तब सिरमौर जिले से डॉ. वाईएस परमार कांग्रेस के पहले अध्यक्ष बने थे. हिमाचल निर्माता के नाम से मशहूर वाईएस परमार तीन बार प्रदेश कांग्रेस के मुखिया रहे. उन्होंने आखिरी बार 1959 से 1964 तक पार्टी की बागडोर संभाली थी. इसके बाद अब सिरमौर जिले से ही कांग्रेस पार्टी को 33वां मुखिया मिला है. ऐसे में विनय कुमार के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बनने से सिरमौर की सियासत एक बार फिर से चर्चा में है. कांग्रेस ने इस बार वर्ष 2027 में सामने खड़ी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक परीक्षा पास करने के लिए दलित चेहरे विनय कुमार को आगे किया है.

कौन हैं विनय कुमार?

विनय कुमार रेणुका जी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर तीसरे बार विधायक बने हैं. उनके पिता स्व. प्रेम सिंह भी इसी सीट पर छह बार विधायक रह चुके हैं. इस तरह से विनय कुमार को कांग्रेस संगठन की बागडोर मिलने से छह दशकों बाद फिर सिरमौर की राजनीतिक जमीन सुर्खियों के केंद्र में है. कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष ने रविवार को अपना नया कार्यभार संभाल लिया है. प्रदेश अध्यक्ष पद से प्रतिभा सिंह की विदाई और उसके बाद सिरमौर के नेता को पार्टी मुखिया की मिली जिम्मेदारी ने सिरमौर जिले के राजनीतिक कद को नई बुलंदी दी है. डॉ. वाईएस परमार के दौर के बाद पहली बार सिरमौर कांग्रेस की कमान शीर्ष स्तर पर संभाल रहा है, जिससे स्थानीय कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है और प्रदेश में नई राजनीतिक समीकरणों पर चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं. वहीं, आगामी चुनावी तैयारियों के बीच यह फैसला पार्टी के भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[adsforwp id="47"]