लाइव हिमाचल शिमला: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिक्षकों को डिमोट करने और टीजीटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची में संशोधन करने के सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राज्य सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अपीलकर्ता का कहना था कि पीड़ित शिक्षकों को पक्षकार बनाए बिना ही एकल जज ने फैसला सुनाया। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ ने अपीलकर्ता अनिल कुमार की याचिका पर एकल बेंच के फैसले पर रोक लगा दी है। एकल पीठ ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वह टीजीटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए वरिष्ठता सूची में आवश्यक संशोधन करे। संशोधित वरिष्ठता सूची नियमों के अनुसार और योग्यता आधार पर आठ सप्ताह के भीतर तैयार की जाए। एकल जज के फैसले का असर उन शिक्षकों पर पड़ा, जिनकी नियुक्ति याचिकाकर्ताओं से पहले हुई थी। एकल जज के आदेश पर शिक्षा विभाग ने दो दिन पहले टीजीटी से प्रवक्ता कैडर में पदोन्नत हुए 592 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था कि क्यों न उनकी पदोन्नति वापस ले ली जाए। विभाग ने सात दिन में जवाब मांगा है। निर्धारित समय के भीतर जवाब दायर न करने पर एकतरफा कार्रवाई की बात कही गई।





