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तबादले के बीच अनुपस्थिति को माना जाएगा अवैतनिक अवकाश, राज्य सरकार ने वापस लिए निर्देश

शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी डिग्री और संस्कृत महाविद्यालयों, एससीईआरटी और जीसीटीई संस्थानों में अब स्थानांतरण के दौरान अनुपस्थिति अवधि को अवैतनिक अवकाश माना जाएगा। राज्य सरकार ने सितंबर 2014 को जारी निर्देश वापस ले लिए हैं। हालांकि, नई व्यवस्था से कर्मचारियों की सेवाओं में कोई रुकावट उत्पन्न नहीं होगी। मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने शिक्षा सचिव की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने के लिए कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र जारी किया है। 2004 के बाद स्थानांतरण के दौरान अनुपस्थिति अवधि को पहले नियमित अवकाश माना गया था।

नई अधिसूचना में यह स्पष्ट किया
शिक्षा सचिव की ओर से जारी नई अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि 25 सितंबर 2014 को जारी निर्देशों को पूर्वव्यापी रूप से वापस ले लिया गया है। उस अधिसूचना में 17 जून 2004 को या उसके बाद स्थानांतरण के दौरान अनुपस्थिति की अवधि को अवैतनिक या अनधिकृत अनुपस्थिति के बजाय नियमित अवकाश (उचित प्रकार का अवकाश) माना जाता था। इन आदेशों की वापसी के साथ, स्थानांतरण के दौरान अनुपस्थिति अवधि को अब अवैतनिक अवकाश माना जाएगा, लेकिन सेवा में इससे कोई रुकावट नहीं होगी।

कर्मचारी अपनी सेवा की निरंतरता नहीं खोएंगे

कर्मचारी इस अनुपस्थिति के कारण अपनी सेवा की निरंतरता नहीं खोएंगे, हालांकि, उन्हें इस अवधि के लिए तब तक मुआवजा नहीं दिया जाएगा जब तक कि मौजूदा नियमों के तहत किसी अन्य प्रकार का अवकाश स्वीकृत न हो जाए। 2014 के आदेश ने जून 2004 को या उसके बाद स्थानांतरित कर्मचारियों को उपार्जित अवकाश का उपयोग करके अपनी अनुपस्थिति को नियमित करने की अनुमति दी थी। आदेश को अब पूर्वव्यापी प्रभाव से वापस ले लिया गया है। इसे मूल रूप से जारी होने की तिथि 25 सितंबर 2014 से अमान्य माना जाएगा। अब स्थानांतरण के दौरान अनुपस्थिति, जिसे अन्यथा स्वीकृत नहीं किया गया था। अब उन्हें उस अवधि के लिए वेतन में कटौती का सामना करना पड़ सकता है, जब तक कि किसी अन्य प्रकार का अवकाश उपलब्ध और स्वीकृत न हो। शिक्षा सचिव की ओर से निर्देशों में सभी सरकारी डिग्री और संस्कृत महाविद्यालयों, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और सरकारी अध्यापक शिक्षा महाविद्यालय (जीसीटीई) के अधिकारियों को इस अद्यतन नीति के अनुरूप आगे आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

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