Home » Uncategorized » आज मनाई जा रही वरलक्ष्मी व्रत, जानें किस शुभ मुहूर्त में कैसे करनी है पूजा

आज मनाई जा रही वरलक्ष्मी व्रत, जानें किस शुभ मुहूर्त में कैसे करनी है पूजा

धर्म डेस्क : हिंदू धर्म में वरलक्ष्मी व्रत बेहद खास पर्व है, यह व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने परिवार की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और ऐश्वर्य के लिए रखा जाता है। वरलक्ष्मी व्रत देवी लक्ष्मी को समर्पित है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से न केवल धन-धान्य की प्राप्ति होती है, बल्कि घर में सुख-शांति भी बनी रहती है। साथ ही जातकों के घर से दरिद्रता का नाश भी होता है। इस व्रत को करने वाली महिलाओं को अष्टलक्ष्मी यानी  धन, वैभव, संतान, विद्या, सुख, सौभाग्य, वीरता और साहस जैसी आठ तरह की लक्ष्मी का आशीष मिलता है।

व्रत पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 2025

  • सिंह लग्न पूजा मुहूर्त (प्रातः)- 06:58 ए एम से 09:06 ए एम
  • वृश्चिक लग्न पूजा मुहूर्त (अपराह्न)- 01:24 पी एम से 03:38 पी एम
  • कुम्भ लग्न पूजा मुहूर्त (सन्ध्या)- 07:33 पी एम से 09:10 पी एम
  • वृषभ लग्न पूजा मुहूर्त (मध्यरात्रि)- 12:28 ए एम से 02:28 ए एम, अगस्त 09

वरलक्ष्मी व्रत पूजन विधि 2025

  • सुबह स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और पूजा घर की सफाई करें।
  • अब एक चौकी लें और उस पर लाल कपड़ा बिछाकर चावल या गाय के गोबर में कलश (जिस पर नारियल रखा हो) स्थापित करें ।
  • फिर (दोरक) एक पवित्र धागा लें और मां लक्ष्मी को 9 गांठ लगाकर अर्पित कर दें।
  • यह कलश वर मां लक्ष्मी का प्रतीक है। इस पर हल्दी, कुमकुम और चंदन का तिलक लगाएं और फिर फूल और हार चढ़ाएं।
  • अब फल, मिठाई और पंचामृत का भोग लगाएं।
  • कलश के आगे दीया जलाकर कथा पढ़ें और आरती करें।

वर लक्ष्मी व्रत 2025 पूजा मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः।

यह मंत्र धन, समृद्धि और सौभाग्य लाने वाला माना जाता है।
ॐ श्रीं श्रीयै नमः’ या ‘ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि। तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात्।
इस मंत्र से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।

मां लक्ष्मी की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुम को निश दिन सेवत, हर विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता…
उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता
सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता…
दुर्गा रूप निरंजनि, सुख सम्पति दाता
जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता…
तुम पाताल निवासिनी, तुम ही शुभ दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशिनी, भव निधि की त्राता
ॐ जय लक्ष्मी माता…
जिस घर तुम रहती सब सद्‍गुण आता
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता…
तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान पान का वैभव, सब तुमसे आता
ॐ जय लक्ष्मी माता…
शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता…
महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

[adsforwp id="47"]